उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में निकाय चुनाव को लेकर गुरुवार को सड़कों पर वाहनों का टोटा रहा। रोडवेज बसें कम होने और निजी वाहन न चलने से लोगों को काफी परेशानी उठानी पड़ी। मालवाहकों के जरिये लोग यात्रा करते नजर आए। पेयजल के लिए भी लोग भटकते नजर आए। बोतल बंद पानी उन्हें मुश्किल से नसीब हो सका।मतदान को लेकर जगह-जगह पुलिस की तैनाती रही। यहां सुरक्षा व्यवस्था के मद्देनजर वाहनों को भी जांचा जाता रहा। दुकानें बंद होने की वजह से खाने-पीने की सामग्री को लेकर परेशानी रही। इसके अलावा सबसे ज्यादा परेशानी लोगों गंतव्य तक पहुंचने के लिए दिखी। शहर से लेकर ग्रामीण क्षेत्रों तक जाने वाली सड़कों पर सन्नाटा रहा। एक भी सवारी वाहन चलता नजर नहीं आया। इससे लोगों को काफी परेशानी हुई।लोग डग्गामार वाहनों के साथ ही मालवाहक वाहनों का सहारा लेते नजर आए। दिल्ली व आगरा से आने वाली बसें भरी रहीं। इनमें लोगों ने खड़े होकर किसी तरह सफर किया। जिले के कस्बों व ग्रामीण क्षेत्र में जाने के लिए लोगों को निजी वाहन का सहारा लेना पड़ा। दिबियापुर बाईपास, देवकली चौकी, इंडियन ऑयल चौकी, अनंतराम टोल प्लाजा समेत कई स्थानों पर वाहनों की चेकिंग प्रभावी रही। औरैया शहर से दिबियापुर, अजीतमल, फफूंद के लिए ऑटो संचालित किए जाते हैं। गुरुवार को मतदान होने और शहर में पुलिस की सख्ती के चलते वाहन स्टैंड पर एक भी ऑटो नजर नहीं आया। इससे दिबियापुर, फफूंद के अलावा अन्य स्थानों पर जाने वाले लोग परेशान रहे। दिबियापुर रेलवे स्टेशन से औरैया, अछल्दा, ककोर जाने के लिए लोग परेशान रहे। लोगों ने वाहन न मिलने पर पांच से आठ किलोमीटर तक का सफर पैदल तय किया। फफूंद, अछल्दा, कंचौसी व पाता रेलवे स्टेशन पर ट्रेनों से उतरे यात्रियों को घर पहुंचने के लिए काफी जद्दोजहद करनी पड़ी। स्टेशन से घर तक का सफर उनके लिए दुश्वारियों भरा रहा। यह स्थिति शाम छह बजे तक बनी रही। मतदान समाप्त होते ही परिवहन तंत्र दोबारा से सक्रिय हो गया। सड़क पर ऑटो से लेकर बसें चलने से लोगों को राहत मिली।

































