उत्तर प्रदेश के लखनऊ में व् पूरे यूपी में शिक्षकों के तबादले हो चुके है लेकिन कुछ शिक्षकों ने अभी कार्यभार नहीं संभाला है बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश में 1700 से अधिक विद्यालय नियमित शिक्षकविहीन हैं। यहां पर पास के शिक्षक या शिक्षामित्रों को तैनात कर पढ़ाई कराई जा रही है। इसी तरह 9100 से अधिक विद्यालय में एक नियमित शिक्षक हैं। इसके साथ ही शिक्षामित्र व अनुदेशक भी तैनात हैं। जबकि काफी स्कूल ऐसे भी हैं, जहां पर बच्चों की संख्या के अनुपात में अधिक शिक्षक तैनात हैं। प्रदेश में चल रही परस्पर तबादले की प्रक्रिया के बीच शासन ने सामान्य तबादले का आदेश जारी कर दिया है। शिक्षक नेताओं की माने तो इसका असर वर्तमान में चल रही प्रक्रिया पर भी पड़ेगा। शिक्षक नेता निर्भय सिंह ने बताया कि सामान्य तबादले में कहा गया है कि आवश्यकता से अधिक शिक्षक वाले स्कूलों व जिलों को चिह्नित किया जाएगा।
इसके अनुसार आवश्यकता वाले स्कूलों व जिलों में शिक्षकों का तबादला किया जाएगा। ऐसे में अगर परस्पर तबादला पाने वाला शिक्षक, जहां आ रहा है। वहां पहले से शिक्षकों की संख्या बेहतर है तो सामान्य तबादले में वह फिर कहीं भेजा जा सकता है। हालांकि शासन ने स्पष्ट किया है कि तबादला स्वेच्छा से ही किया जाएगा।बेसिक शिक्षा विभाग ने यूं ही नहीं आठ साल बाद जिले के अंदर सामान्य तबादले की प्रक्रिया शुरू की है। इसके पीछे विभाग का यह प्रयास है कि जो विद्यालय एकल या शिक्षकविहीन हैं और जहां ज्यादा शिक्षक हैं। इनका आपस में संतुलन बनाया जा सके। विभाग का यह प्रयास सफल रहा तो 10 हजार से अधिक विद्यालयों में शिक्षकों की कमी को दूर किया जा सकेगा।यूपी के 10 हजार प्राइमरी स्कूलों को जल्द ही पर्याप्त शिक्षक मिलने जा रहे हैं। बेसिक शिक्षा विभाग के अनुसार प्रदेश में 1700 से अधिक विद्यालय नियमित शिक्षकविहीन हैं।

































