उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले में गर्मी में लोड झेल पाने में नाकाम केस्को तंत्र को भारी बारिश ने धराशायी कर दिया। 100 से अधिक क्षेत्रों में फॉल्ट हो गए। बारिश में एहतियातन सभी फीडर बंद किए गए थे, लेकिन दोबारा फीडर जब चालू किए गए तो फॉल्ट की झड़ी लग गई। वहीं एसी-कूलर बंद होने से प्रतिदिन 700 मेगावाट का लोड घटकर 501 मेगावाट पर आ गया। इस वजह से ट्रिपिंग नहीं हुई। बड़े फॉल्ट गुरुवार सुबह बनना शुरू हुए लेकिन गली-मुहल्लों के फॉल्ट नहीं बन सके। फेज और खंभे से तार ढीले होने वाले फॉल्ट लाइनमैन न मिलने से नहीं बन सके। 40 सबस्टेशनों से करीब 18 लाख की आबादी प्रभावित हुई। बारिश होने से से जरीब चौकी सबस्टेशन का जीटी रोड सुबह 6:55 बजे बन सका। जलसंस्थान सबस्टेशन के नर्सिंगहोम फीडर की बिजली हाईटेंशन लाइन पर पेड़ की डाल गिरने से गुल हुई। सुबह आठ बजे बिजली बनी। दोबारा फाॅल्ट होने पर बिजली दोपहर सवा तीन बजे आई। फूलबाग शनिदेव मंदिर सबस्टेशन से शंकरगंज फीडर की बिजली दोपहर 2:20 बजे बन सकी। दबौली सबस्टेशन की बिजली सुबह तीन बजे बनी। यहां पर 10 एमवीए के पॉवर ट्रांसफार्मर में बारिश से फॉल्ट हुआ था। पराग डेयरी सबस्टेशन के लाल कालोनी की बिजली एचटी लाइन पर पेड़ की डाल आने से बंद हो गई। सुबह तीन बजे बिजली आई। चमनगंज, परमपुरवा, विकासनगर, नई सड़क, यतीमखाना, बर्रा, बांसमंडी की बिजली रात भर गुल रही। लोकल फॉल्ट की सुनवाई ही नहीं केस्को में बड़े फॉल्ट केस्को प्रबंधन की निगरानी में आ जाते हैं लिहाजा केस्को के इंजीनियर उन्हें दुरुस्त कराने को ही प्राथमिकता देते रहे। लोकल फॉल्ट की सुनवाई नहीं हुई। बारिश की वजह से खंभे में स्पार्किंग के साथ सर्विस केबल टूटने और ढीले होने पर बिजली गई तो गुरुवार रात तक नहीं बनी। सूरज ढलने के बाद लाइनमैनों ने बनाने से मना कर दिया। इंजीनियरों ने जवाब दिया कि पहले बड़े फॉल्ट बनवाएंगे। इसलिए निजी शिकायतें दर्ज कराने वालों की समस्याएं 24 घंटे बाद भी नहीं दूर हुईं। श्यामनगर, विकासनगर, सर्वोदयनगर, कल्याणपुर, बर्रा, जाजमऊ, सिविल लाइंस, फूलबाग, आलूमंडी, जरीब चौकी में दिक्कतें बहुत रहीं।

































