हरियाणा के करनाल। तीन दशक पहले तक लोकप्रिय लुका-छिपी, ऊंच-नीच, गेंद ताड़ी, चोर-पुलिस और भागमभाग जैसे अनेक खेल आज के बच्चों के जीवन से गायब हो चुके हैं। इन खेलों को जानने या खेलने वाले बच्चे अब है ही नहीं। वक्त से साथ यह खेल भूले बिसरे हो चुके हैं, जबकि बच्चों की सेहत के लिहाज से भुलाए जा चुके ये खेल आवश्यक हैं।आज के बालक-बालिका एनिमेटेड वीडियो गेम्स से घिरे हैं। मोबाइल, कंप्यूटर सिस्टम और लैपटॉप पर एक जगह बैठ-बैठे ही इन्हें खेला जाता है, नतीजा शारीरिक गतिविधि की कमी की वजह से बच्चों में ओबेसिटी, फैटी लीवर, नजरें कमजोर होने के साथ ही कम उम्र में नसों संबंधी कई बीमारियां हो रही हैं। खेल बच्चों के जीवन का अभिन्न अंग है, लेकिन बीते वर्षों के साथ खेलों का स्वरूप ही बदल गया और भविष्य में और बदलेगा।ऐसे खेल जो पहले बच्चे अन्य खिलाड़ियों के साथ बैठकर मिलकर खेलते थे। इन खेलों को खेलने के साथ ही साथी खिलाड़ियों से उनकी बातचीत होती थी। खेल के विभिन्न पहलुओं पर अपनी आपत्ति भी दर्ज कराते है, यह भी खत्म हो गया है। बौद्धिक विकास की दृष्टि से खेल जाने वाले लूडो, कैरम और शतरंज जैसे खेल भी अब मोबाइल फोन और कंप्यूटर में कैद हो गए हैं। जहां अपने साथी खिलाड़ियों के साथ आमने-सामने की बातचीत का कोई मौका नहीं रहता है।बाक्स- खेल जो भूले बिसरे हो गए 1. गिल्ली डंडा 2. खो-खो 3.लुका-छिपी 4.कंचा 5.आंख-मिचौली6. रस्सा-कस्सी7. पिठ्ठू गरम8. लंगड़ी टांग या स्टापू9. चोर-सिपाही या चोर पुलिस10. मारम पिट्टी11. विष अमृत12. पोसंपा खेलबचपन में हमारे खेल गिल्ली डंडा, कंचे, सटापु, भागम भाग आदि ही होते थे। इसी से हमारा मनोरंजन होता था। आज के बच्चे के पास तकनीक है, वह मोबाइल-कंप्यूटर पर खेल खेलते हैं। – तिलकराज शर्मागिल्ली-डंडा, लुका-छिपी, आंख-मिचौली जैसे खेल तो खेलते ही थे, घर के बाहर कबड्डी और स्टेडियम में जाकर हॉकी खेला करते थे। शारीतिक गतिविधि वाले खेल ही हमारे मनोरंजन का साधन थे । – राजेंद्र खुराना इन खेलों के बारे में माता-पिता से सुना हैं, इनमें से कई खेलों के बारे में तो पता भी नहीं था। स्टापु, पिठ्ठू गरम, चोर-सिपाही जैसे खेल नहीं खेले, हालांकि भागमभाग और लुका-छिपी के साथ क्रिकेट और बैडमिंटन ही बचपन में खेले हैं। – अक्षत सिंगला पुराने जमाने के सभी खेलों के बारे में तो पता नहीं था, बहुत सारे खेलों के बारे में माता-पिता से पता लगा है, जो उन्हें बचपन की याद दिलाते हैं। लेकिन बचपन में पिट्ठू गरम, भागम भाग और कबड्डी खेली है

































