औरैया समाचार उत्तर प्रदेश के औरैया मे अछल्दा। रोजाना का न्यूनतम तापमान इन दिनों 10 डिग्री सेल्सियस से नीचे जा रहा है। मौसम में बढ़ी ठंडक के साथ ही लोग अलाव व रूम हीटर व ब्लोवर को सहूलियत के साथ ही उपयोग में लाने लगे हैं। ऐसे में इलेक्ट्रानिक बाजार में गर्माहट आई है। पुराने हो चुके हीटर व ब्लोवर की मरम्मत से लेकर नए उपकरण की खरीदारी बढ़ी है। बाजार में 500 से लेकर तीन हजार तक के उपकरण इन दिनों उपलब्ध है। दुकानदार गर्माहट का अहसास कराने वाले इन उपकरणों की बिक्री के दौरान जरूरी सावधानी बरतने की सलाह भी दे रहे है। घरों में सर्दी से बचने के लिए लोग अलाव से ज्यादा रूम हीटर व ब्लोवर को पसंद करते हैं। धुंए के झंझट से जहां लोगों को नहीं झेलना पड़ता।
वहीं पर्याप्त गर्माहट भी मिलती है। जय मां इलैक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठान के संचालक अनिल पांडेय ने बताया कि इन दिनों केवल रूम हीटर व ब्लोवर की ही बिक्री ज्यादा हो रही है। 500 रुपये से लेकर 3000 रुपये तक के हीटर व ब्लोवर उपलब्ध हैं। इसमें कई वैरायटी हैं। गोविंद इलैक्ट्रॉनिक प्रतिष्ठान के संचालक आलोक शर्मा ने बताया कि ब्लोअर की मांग ज्यादा है। तीन राड वाले हीटर को लोग ज्यादा पसंद कर रहे हैं। कमरे में इन्हें प्रयोग करने पर जरूरी सावधानी बरतने के लिए भी कहा जा रहा है। ठंड के सीजन की शुरुआत हो चुकी है। ठंड के प्रभाव से बचने के लिए कई लोगों ने रूम हीटर का उपयोग करना शुरू कर दिया है। अगर आप भी बढ़ती ठंड से बचने के लिए अपने घरों में रूम हीटर का इस्तेमाल कर रहे हैं। ऐसे में रूम हीटर का इस्तेमाल करते समय कुछ सावधानियों को बरतना जरूरी है। डॉ. ओमवीर सिंह बताते है कि अगर आप रूम हीटर को चलाते समय सावधानी नहीं बरतेगें तो यह जानलेवा हो सकता है।
पिछले सालों में रूम हीटर से जुड़े हादसे के कई मामले सामने आ चुके हैं। कुछ बातों को जरूर जान लेना चाहिए। खासकर सांस के मरीज इसका कम उपयोग करें।–अगर आप रूम हीटर का उपयोग कर रहे हैं। ऐसे में उसके पास भूलकर भी पेपर, लकड़ी या कोई ज्वलनशील पदार्थ नहीं रखना चाहिए। अगर आप इन चीजों को रूम हीटर के पास रखते हैं। ऐसे में उनमें आग लगने का खतरा काफी बढ़ जाता है।
सर्दियों के सीजन में कई लोग रजाई और कंबल के पास रूम हीटर को रखना पसंद करते हैं। यह गलती भूलकर भी नहीं करनी चाहिए। ऐसा करने से उनमें आग लग सकती है। इससे एक बड़ा हादसा हो सकता है। सांस के रोगियों को कमरा बंद करके रूम हीटर नहीं चलाना चाहिए। ऐसे में कमरे का आक्सीजन लेवल गिर जाता है। जिससे मरीज का दम घुटने लगता है।

































