उत्तर प्रदेश के आगरा में बारिश और ओले गिरने के बाद शाम को मौसम का मिजाज बदल गया। करीब 6 मिलीमीटर बारिश दर्ज की गई। देर शाम ठंडी हवाओं से लोगों को गुलाबी सर्दी का अहसास हुआ। कृषि विज्ञान केंद्र बिचपुरी के मौसम विज्ञानी डॉ. संदीप शर्मा के अनुसार मंगलवार को भी बारिश हो सकती है। गर्मी के तेवर ने एक पखवाड़े से लोगों को परेशान कर रखा था। आमतौर पर अक्तूबर तक मौसम का मिजाज ठंडा होने लगता है।
इस साल अक्तूबर का औसत तापमान 38 डिग्री से नीचे नहीं पहुंंचने से लोगों के एसी अभी भी चल रहे थे। सोमवार शाम करीब 40 मिनट तक जोरदार बारिश हुई, ओले भी पड़े। दिन भर उमस के बाद सोमवार शाम को अचानक आंधी के साथ आई बारिश और ओलावृष्टि ने 7 फीडरों की बिजली ठप कर दी। जगह-जगह पेड़ गिरने से तार टूट गए। नेहरू नगर, प्रतापपुरा, दयालबाग में बिजली के तारों पर पेड़ गिरे तो राजपुर चुंगी पर रूफ टॉप होर्डिंग तारों पर गिर पड़ा। इससे बिजली गुल हो गई। शाम को करीब 6 बजे आंधी के साथ बारिश शुरू होते ही सब स्टेशनों से एहतियातन बिजली की आपूर्ति बंद कर दी गई। आंधी थमने पर आपूर्ति शुरू की गई तो 7 फीडर ट्रिप कर गए।
इनमें नेहरू नगर के दो, प्रतापपुरा, आजमपाड़ा, दयालबाग, सिकंदरा, आजमपाड़ा के फीडरों की बिजली गुल हो गई, जिससे लोग रात में परेशान हो उठे। टोरंट पावर के कॉल सेंटर पर लोगों के फोन घनघनाने लगे। शिकायतों को दर्ज करने में एकाएक बढ़ोतरी हो गई। टोरंट पावर के उपाध्यक्ष शैलेश देसाई ने बताया कि अचानक मौसम खराब होने की वजह से कुछ जगहों पर बिजली आपूर्ति में दिक्कत आई, लेकिन टीमों को लगा दिया गया है। बहुत जल्दी आपूर्ति बहाल कर दी जाएगी। बिजली की आपूर्ति नियंत्रण में है।
स्ट्रेची ब्रिज के नीचे यमुना किनारा रोड पर एक बार फिर जलभराव हो गया। बारिश के बाद लोगों को परेशानी का सामना करना पड़ा। स्ट्रेची ब्रिज के नीचे मानसून में हुए जलभराव पर नगर निगम की किरकिरी पहले भी हो चुकी है। बस और ट्रैक्टर-ट्रॉली डूब गई थी, लेकिन नगर निगम ने कोई सबक नहीं लिया। दो कर्मचारियों पर कार्रवाई के बाद भी सोमवार को स्ट्रेची ब्रिज और बिजलीघर पर सुभाष बाजार रेलवे पुल के नीचे जलभराव हुआ

































