उत्तर प्रदेश के चित्रकूट। गांव-गांव गोशालाएं खोलने के बाद गोशालाओं में सही प्रबंधन न होने से मवेशी गोशाला की जगह खेतों में नजर आते हैं। शहर से सटे गांवों के मवेशी सड़कों में घूमते रहते हैं। इससे आए दिन सड़क हादसे होते रहते हैं। जिले में 310 गोशालाओं में करीब 50 हजार मवेशियों को संरक्षित किया जा रहा है। इसके बाद भी अन्ना मवेशी की समस्या दूर नहीं हो रही है। भारतीय किसान यूनियन के नेताओं का कहना है कि गोशालाओं के संचालन की व्यवस्था सही नहीं है। बरगढ़ क्षेत्र के सेमरा गांव के मजरा पनिहाई गांव के किसान बुधराम मौर्य की दो बीघा, बाजरा, तिल अरहर की फसल को खा गए। पशु विभाग के मुख्य पशु चिकित्सा अधिकारी डॉ. सुभाष चंद्र ने बताया कि वित्तीय वर्ष में 21 करोड़ रुपये का बजट गोशालाओं के लिए दिया गया था। तीन माह से गोशालाओं को धनराशि नहीं मिली है।


































