मध्य प्रदेश के उज्जैन में विश्व प्रसिद्ध श्री महाकालेश्वर मंदिर में श्रावण मास के छटवें सोमवार को आस्थावानों की भीड़ उमड़ी। बाबा महाकाल के निराकार से साकार स्वरूप में होने वाली भस्मआरती के दर्शनों के लिए देर रात्रि से ही मंदिर में श्रद्धालुओं की कतार लगना शुरू हो गई थी, जिसके बाद रात 2:30 बजे मंदिर के पट खुलते ही पूरा मंदिर परिसर जय श्री महाकाल की गूंज से गुंजायमान हो गया। भस्मआरती के पूर्व मंदिर में पुजारी, पुरोहितों ने जलाभिषेक कर भगवान महाकाल का भांग और सूखे मेवे से श्रृंगार किया। पूजन के बाद महानिवार्णी अखाड़े के ने भस्म अर्पित की। इस दौरान हजारों श्रद्धालुओं ने चलायमान दर्शन व्यवस्था के तहत अपने इष्ट देव बाबा महाकाल के दर्शनों का लाभ लिया। श्रावण मास में बाबा महाकाल के दरबार में भक्तों की भारी भीड़ उमड़ रही है। इस मास में अधिक से अधिक श्रद्धालुओ को बाबा महाकाल की सुबह होने वाली भस्म आरती के दर्शनों का लाभ मिल सके इसीलिए मंदिर में भस्मआरती के चलायमान दर्शन की व्यवस्था की गई है। जिसका लाभ प्रतिदिन हजारों श्रद्धालुओं को मिल रहा है। श्रावण मास के छटवें सोमवार पर उज्जैन ही नहीं बल्कि देश विदेशों से आए श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल की भस्म आरती का दर्शन लाभ लिया। रात 2:30 बजे से शुरू हुआ बाबा महाकाल के दर्शनों का क्रम देर रात तक जारी रहेगा। श्रद्धालु बाबा के दर्शन कर उनका आशीर्वाद प्राप्त कर रहे हैं।श्री महाकालेश्वर भगवान की श्रावण/भाद्रपद माह में निकलने वाली सवारी के क्रम की छटवीं सवारी 14 अगस्त 2023 को निकाली जाएगी। इस बार भगवान छह स्वरूपों में भक्तों को दर्शन देंगे। बाबा महाकाल नए रथ में विराजमान होकर प्रजा का हाल-चाल जानने निकलेंगे। सवारी के मद्देनजर सुरक्षा के पुख्ता इंतजाम किए गए हैं। श्री महाकालेश्वर मंदिर प्रबंध समिति के प्रशासक एवं अपर कलेक्टर संदीप कुमार सोनी ने बताया कि श्री महाकालेश्वर भगवान की 14 अगस्त 2023 को निकलने वाली षष्ठम सवारी में भगवान पालकी में श्री चन्द्रमौलेश्वर, हाथी पर श्री मनमहेश, गरूड़ रथ पर शिवतांडव, नन्दी रथ पर उमा-महेश, डोल रथ पर होल्कर स्टेट के मुखारविंद और रथ पर श्री घटाटोप स्वरूप में विराजित होकर अपनी प्रजा का हाल जानने नगर भ्रमण पर निकलेंगे। श्री महाकालेश्वर भगवान की सवारी निकलने के पहले मंदिर के सभामंडप में भगवान श्री चन्द्रमौलेश्वर का विधिवत पूजन-अर्चन होगा। उसके बाद भगवान महाकाल के स्वरूप नगर भ्रमण पर निकलेंगे। मंदिर के मुख्य द्वार पर सशस्त्र पुलिस बल के जवान पालकी में विराजित भगवान को सलामी देंगे।वहीं, पूर्व सीएम कमलनाथ आज (14 अगस्त) को निकलने वाली बाबा महाकाल की छटवीं शाही सवारी में शामिल होंगे और क्षिप्रा नदी के तट पर बाबा महाकाल का विशेष पूजन करेंगे। शहर कांग्रेस के अध्यक्ष रवि भदौरिया के अनुसार कमलनाथ सोमवार की दोपहर में 3:30 बजे भोपाल से चलेंगे व 4:15 बजे हेलिपेड पर उतरकर सीधे क्षिप्रा नदी के रामघाट पर आएंगे। यहां पर एक घंटे रूक कर सवारी पूजन में शामिल होने के बाद शाम 5:30 बजे पुन: भोपाल के लिए रवाना हो जाएंगे। बता दें, 19 अगस्त 2019 को मुख्यमंत्री रहते हुए कमलनाथ उज्जैन आए थे और श्रावण मास में महाकाल की पांचवीं सवारी में शामिल हुए थे। कमलनाथ ने उस दौरान मंदिर के सभा मंडप में पूजन अभिषेक कर पालकी को कांधा भी दिया था।बाबा महाकाल की नगरी उज्जैन में श्रावण में श्रद्धालुओं का रिकॉर्ड आगमन हो रहा है। श्री महाकाल महालोक बनने के बाद श्रावण मास में 4 जुलाई से लेकर अब तक एक करोड़ 7 लाख से अधिक श्रद्धालु भगवान महाकालेश्वर के दर्शन कर चुके हैं। जबकि रविवार को लगभग तीन लाख श्रद्धालुओं ने बाबा महाकाल के दर्शन किए।


































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