उत्तर प्रदेश के कन्नौज जिले में छात्रा को अगवाकर दुष्कर्म और हत्या के मामले में परिजन पुलिस की कार्रवाई से संतुष्ट नहीं हैं। परिजनों ने पुलिस की कार्यशैली पर सवाल उठाते हुए गंभीर आरोप लगाए हैं। पुलिस ने सिर्फ हत्या और सबूत मिटाने की धारा में मुकदमा पंजीकृत किया है, जबकि छात्रा रात भर गायब रही।पुलिस ने अपहरण, दुष्कर्म की धारा को नहीं बढ़ाया है। मां ने आरोप लगाते हुए कहा कि पुलिस को तीन आरोपियों के नाम बताए थे पर दो ही आरोपियों को गिरफ्तार कर जेल भेजा गया है। परिवार ने पुलिस पर आरोपियों से मिलीभगत का आरोप लगाया है। पीड़ित मां ने बेटी के हत्यारों को मौत की सजा देने की मांग की।यह बातें एसपी दफ्तर पहुंचे छात्रा के परिजनों ने कही। ठठिया थाना क्षेत्र के एक गांव की रहने वाली 19 वर्षीय छात्रा को सात जुलाई को कॉलेज से आते समय अगवा कर दुष्कर्म करने बाद हत्या कर दी गई थी। अगले दिन गांव के पास नहर किनारे झाड़ियों में उसका शव मिला था। पुलिस ने गांव के ही वकील व आसिफ को गिरफ्तार किया था।पुलिस की कार्यशैली से नाराज पीड़ित परिवार सोमवार को एसपी दफ्तर पहुंचा। इस दौरान छात्रा की मां ने कहा कि बेटी का शव मिलने के बाद पुलिस को उसने तीन युवकों के नाम बताए थे। पुलिस ने वकील व आसिफ को गिरफ्तार कर लिया, जबकि तीसरे आरोपी को छोड़ दिया। पुलिस ने सिर्फ हत्या व सबूत मिटाने की धारा में रिपोर्ट दर्ज की है।छात्रा की बहन ने आरोप लगाया कि उसको जानकारी मिली है कि हत्याकांड का एक आरोपी सारा इल्जाम अपने ऊपर लेने को तैयार है। वह साथियों को बचाने के एवज में जेल में बंद रहने पर बाहरी मदद उपलब्ध कराने की बात कह रहा है। कहा कि पुलिस भी शुरू से घटना में एक ही आरोपी होने की बात कह रही थी।छात्रा के परिवार के मुताबिक घटना वाले दिन दोपहर 1:58 बजे पर छात्रा के होने वाले पति से फोन पर बात हुई थी। 2:16 बजे पर मां ने फोन किया पर बात नहीं हो सकी। कहा कि दरिंदों ने सिर्फ 16 मिनट में बेटी के साथ जघन्य घटना को अंजाम दे दिया।चार दिन पूर्व ठठिया थाना क्षेत्र के एक गांव निवासी छात्रा का अपहरण कर हत्या के मामले में पुलिस ने दो आरोपियों को रविवार को गिरफ्तार किया था।पुलिस की कार्यशैली को लेकर लोगों में नाराजगी है। पांच दिन पहले कॉलेज में पेपर देकर घर लौट रही छात्रा को गांव के बाहर अपहरण कर दुष्कर्म के बाद हत्या कर दी गई थी। घटना के 12 घंटे बीतने के बाद पुलिस ने दोनों आरोपियों वकील व आसिफ के खिलाफ हत्या कर साक्ष्य मिटाने की धाराओं में रिपोर्ट दर्ज की थी।सोमवार को पुलिस ने दोनों आरोपियों को न्यायालय में पेश किया। थानाध्यक्ष विक्रम सिंह ने बताया कि आरोपियों को न्यायालय में पेशकर जेल भेज दिया गया। अब हर पहलू पर जांच की जा रही है। फिलहाल दोनों आरोपियों को जेल भेजा गया है। मामले में अग्रिम जांच कर कार्रवाई की जाएगी।घटना के बाद ग्रामीणों में पुलिस को लेकर कई तरह की चर्चाएं तेज हैं। चर्चा है कि पुलिस आरोपियों को बचाने में जुटी है। परिजन हत्याकांड में तीन युवकों के शामिल होने की बात कह रहे हैं। जबकि पुलिस दो युवकों के होने की बात पर अड़ी है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही हे


































