उत्तर प्रदेश के झांसी। कोतवाली के लक्ष्मी ताल इलाके में रविवार सुबह एक युवक ने बाग में फांसी लगाकर जान दे दी। परिजनों का कहना है तीन माह पहले उसकी शादी हुई थी। पत्नी मायके से वापस नहीं लौट रही थी। इस वजह से युवक परेशान था। मूलरूप से लहचूरा के ग्राम तुर्का निवासी मुरारीलाल दीक्षित श्याम चौपड़ा इलाके के पास नंदू कॉलोनी में परिवार के साथ रहते हैं। उनका सबसे छोटा बेटा मोनू दीक्षित (28) ट्रक चलाता था। पिता के मुताबिक इसी 24 मार्च को जतारा निवासी अनीता से उसकी शादी हुई थी। कुछ दिन ससुराल में बिताने के बाद अनीता मायके चली गई। परिजनों के मुताबिक मोनू पत्नी को कई बार बुला चुका था लेकिन तीन माह बाद भी वह लौटने को राजी नहीं थी। पत्नी के नाराज होने से वह तनाव में था। शनिवार रात वह घर नहीं आया। रविवार सुबह नौ बजे वह घर आया। फिर अपना ड्राइविंग लाइसेंस (डीएल) लेकर कुछ देर बाद बाहर चला गया। कुछ समय बाद उसका शव लक्ष्मी ताल के पास बाग में पेड़ से फंदे पर झूलता मिला। कोतवाली पुलिस ने मौके पर पहुंचकर शव फंदे से नीचे उतारा। शव का पोस्टमार्टम भी कराया गया है। कोतवाल संजय गुप्ता के मुताबिक मोनू शराब पीने का आदी था। इस आदत से परेशान होकर पत्नी मायके से नहीं लौट रही थी। मोनू का परिवार के लोगों से भी जमीन को लेकर झगड़ा चल रहा था। डीएल लेकर बाहर जाने की बात साफ नहीं हुई। पुलिस मामले की छानबीन कर रही है। पिता मुरारीलाल का कहना है कि उनके एक बेटे ऋषि का 12 अप्रैल 2019 को कुछ लोग अपहरण कर ले गए। यह मामला भी कोतवाली में दर्ज कराया लेकिन, अभी तक उसका कोई सुराग नहीं मिल सका है। दूसरे बेटे के आत्महत्या कर लिए जाने से परिवार में कोहराम मच गया। मां समेत परिजनों का रो-रोकर बुरा हाल हो गया। अब उनके दो बेटे बचे हैं। पुलिस मामले की जांच कर रही हे

































I never thought about it this way before. Thanks for opening my eyes.
Great read! I appreciate the effort you put into researching this.