उत्तर प्रदेश के एटा। बरसात के बाद गर्मी बढ़ने से बच्चे उल्टी-दस्त की चपेट में आने लगे हैं। मेडिकल कॉलेज में मंगलवार को उल्टी व दस्त से पीड़ित बच्चों की संख्या अधिक रही। इस दौरान चार बच्चे वार्ड में भर्ती किए गए। डिहाइड्रेशन (शरीर में पानी की कमी) का एक मरीज पर्चा काउंटर पर लगी कतार में बेहोश होकर गिर पड़ा। उसे इमरजेंसी वार्ड में भर्ती कराया गया। वहीं तीन अन्य मरीज डिहाइड्रेशन की समस्या के इमरजेंसी में भर्ती हुए। तापमान में आ रही तेजी मरीजों का आंकड़ा भी बढ़ा रही है। असर बच्चों की सेहत पर ज्यादा देखने को मिल रहा है। मंगलवार को ओपीडी में 200 बच्चे इलाज के लिए पहुंचे। जहां उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन के मरीज सबसे ज्यादा रहे। बच्चा वार्ड में मंगलवार को कंसुरी निवासी यामिनी, रैवाड़ी निवासी सूरज, सत्तारपुर निवासी लक्ष्मी व कैलाशगंज निवासी पूजा को इलाज के लिए भर्ती किया गया। सभी बच्चों को उल्टी के साथ दस्त की शिकायत थी। इमरजेंसी वार्ड में भटमई निवासी प्रांशी, नयागांव निवासी जादौन सिहं, नगला धनी निवासी रूमाल सिंह, बिजौरी निवासी सावित्री को भर्ती किया गया। जादौन सिंह कॉलेज में दवा लेने आए थे, पर्चा काउंटर पर वह गिरकर बेहोश हो गए थे।इस मौसम में उल्टी-दस्त, डिहाइड्रेशन होने की आशंका ज्यादा रहती है। इससे बचाव के लिए साफ और ताजा पानी का सेवन करें। हल्का भोजन करें। इसके अलावा जूस, नारियल पानी, शिकंजी आदि पेय पदार्थ लेते रहें। कटे हुए फलों का सेवन नहीं करना चाहिए। यदि शरीर में कमजोरी महसूस हो तो साफ पानी में नमक और चीनी मिलाकर उसके घोल का सेवन करें। तेज धूप में बच्चों को घर से बाहर नहीं निकलने दें। यदि निकलना जरूरी हो तो पूरी बांह के हल्के रंग के कपड़े पहनाकर ही जाने दें। बच्चों को तरल पदार्थ अधिक से अधिक दें। यदि बच्चे को दस्त हो जाए तो ओआरएस का घोल दें। पानी की कमी न होने दें। यदि इससे फायदा न हो तो डॉक्टर को दिखाएं।

































