उत्तर प्रदेश के एटा। वीरांगना अवंतीवाई लोधी स्वशासी महाविद्यालय की उपप्राचार्य और डेंटल विभाग की असिस्टेंट प्रोफेसर के बीच का विवाद बढ़ता जा रहा है। सोमवार को असिस्टेंट प्रोफेसर डॉ. अर्चना एसएसपी से मिलीं और झूठे आरोप में खुद को फंसाने की बात कही। मामले की जांच एएसपी व सीओ को जांच सौंपी गई है। असिस्टेंट प्रोफेसर ने बताया कि वित्तीय अनियमितताएं होने की शिकायत प्राचार्य की थी।
इसकी जानकारी होने पर उपप्राचार्य से फंसाने के लिए षड़यंत्र रचना शुरू कर दिया था। इसी के तहत खुद ही हमला कराया गया। जबकि वह प्राचार्य के मना करने की वजह से पुलिस केस नहीं कर रही थीं। शिकायत में यह भी कहा गया कि उपप्राचार्य की ओर से जूनियर असिस्टेंट का वेतन निकालने का आरोप लगाया गया है। जबकि जो जेआर निकाले गए हैं, वह उनके विभाग के नहीं हैं। ऐसे में वह वेतन कैसे निकाल सकती हैं। जबकि वित्तीय अधिकार भी उनके पास नहीं हैं। वित्तीय अधिकार उपप्राचार्य के पास हैं और वह खुद ही अनियमितताएं करती आ रही हैं। एसएसपी राजेश कुमार सिंह ने बताया कि शिकायत मिलने के बाद एएसपी धनंजय सिंह कुशवाहा और सीओ सिटी विक्रांत द्विवेदी को जांच सौंपी गई है। दोनों ही अधिकारी मौके पर जाकर सीसीटीवी कैमरों की जांच करेंगे, वीडियो आदि जुटाएंगे। जांच में जो भी दोषी पाया जाएगा, उसके खिलाफ कार्रवाई की जाएगी।

































