उत्तर प्रदेश के मैनपुरी जिले मे जिला अस्पताल मे लापरवाही का मामला सामने आया है एक महिला मरीज इलाज के लिए तड़पती रही ओर डॉ॰मोबाइल मे व्यस्त रहा महिला के बेटे का कहना है की उसकी माँ की मौत डाक्टर की लापरवाही की वजह से चली गयी नगर के देवी रोड निवासी 50 वर्षीय प्रवेश कुमारी कुछ दिनों से बीमार चल रही थीं। परिजन उनका निजी डॉक्टर के यहां उपचार करा रहे थे। रविवार की शाम चार बजे के करीब अचानक उनकी हालत बिगड़ी तो परिजन उन्हें जिला अस्पताल के इमरजेंसी वार्ड लेकर पहुंचे। उस समय वहां ड्यूटी पर ईएमओ डॉ. आदर्श सेंगर, फार्मासिस्ट अजय यादव सहित अन्य स्टाफ मौजूद था। मरीज की जांच हो रही थी।
डॉक्टर की सलाह पर मरीज को उपचार दिया जा रहा था। इस बीच प्रवेश कुमारी की मृत्यु हो गई। मरीज न देखने का आरोप लगाकर तीमारदार और डॉक्टर के बीच कहासुनी होने लगी एक तीमारदार ने डॉक्टर का कालर पकड़ लिया, जिसके बाद हंगामा शुरू हो गया। तीमारदारों ने डॉक्टर की पिटाई करते हुए हंगामा शुरू कर दिया। हंगामे के दौरान इमरजेंसी में अफरा-तफरी मच गई। मृतका के पुत्र गुरु ने आरोप लगाया कि डॉक्टर मोबाइल पर व्यस्त थे। करीब 15 मिनट तक मरीज तड़पता रहा, बार-बार कहने के बाद भी डॉक्टर देखने के लिए नहीं आए। इलाज में देरी की वजह से उनकी मां की जान चली गई।
जानकारी पाकर सीएमएस डॉ. मदनलाल और इंस्पेक्टर कोतवाली फतेह बहादुर सिंह भदौरिया पुलिसबल के साथ मौके पर पहुंचे। हंगामा कर रहे परिजनों को समझा बुझाकर करीब दो घंटे तक चले हंगामे को शांत कराया गया। सीएमएस के निर्देश पर सरकारी एंबुलेंस से शव को घर भिजवाया गया।ओर मामले को शांत करवाया लेकिन सरकारी अस्पतालो मे आए दिन ऐसी घटनाए होती रहती है इसीलिए लोग सरकारी अस्पतालो मे जाने से डरते है डाक्टर को भगवान का दर्जा दिया गया है लेकिन ऐसे लोगो की लापरवाही का शिकार आम जनता हो जाती है ऐसे डाक्टर के खिलाफ कड़ी कार्यवाही होनी चाहिए पुलिस मामले की जांच कर रही है

































