उत्तर प्रदेश के उन्नाव जिले में आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर जिस समय कार कंटेनर में भिड़ी उसकी रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा थी। कंटेनर को सामने देख कार चला रहे बृजेश ने रोकने की कोशिश भी की थी। घटनास्थल पर 50 मीटर दूर से टायरों के घिसने के निशान इसकी गवाही दे रहे थे। जिस तरह से पूरी कार कंटेनर के नीचे समा गई उससे अंदाजा लगाया जा रहा है कि कंटेनर खड़ा था।लखनऊ-आगरा एक्सप्रेसवे पर रविवार दोपहर करीब दो बजे ओवरटेक करने के चक्कर में तेज रफ्तार एक्सयूवी कार आगे चल रहे कंटेनर में जा घुसी। कार सवार गाजियाबाद निवासी विजय पाठक (55), उनकी बहन सीमा (40) और बिजनेस पार्टनर ब्रजेश कुमार (43) की मौके पर मौत हो गई।
घायल भांजी आरुषि (26) ने कानपुर के हैलट में दम तोड़ दिया। हादसे के बाद चालक कंटेनर छोड़कर भाग गया।एक्सप्रेसवे पर जिस स्थान पर घटना हुई वहां सड़क पर कार के 50 मीटर तक कार के पहियों के घिसटने के निशान बने हैं। सीओ के मुताबिक घटना के समय गाड़ी की रफ्तार 120 किलोमीटर प्रति घंटा होने का अनुमान है। कार इतनी तेजी से कंटेनर के नीचे घुसी कि उसके पहिए तक उठ गए। अनुमान है कि गाड़ी चला रहे युवक ने बचने का पूरा प्रयास किया।कि कार चालक कंटेनर को बाईं तरफ से ओवरटेक कर रहा था।
हार्न सुनकर चालक ने कंटेनर को बाईं तरफ कर लिया, जिससे हादसा हो गया। एक्सप्रेसवे पर बांगरमऊ कोतवाली क्षेत्र में रविवार दोपहर करीब दो बजे कार आगे चल रहे कंटेनर में घुस गई। टक्कर इतनी तेज थी कि एक्सयूवी का आधा हिस्सा कंटेनर में घुस गया। इसी दौरान वहां से गुजर रहे कन्नौज के सदर कोतवाली प्रभारी जितेंद्र प्रताप सिंह ने आरुषि की सांस चलती देखी तो अपनी कार से कन्नौज मेडिकल कॉलेज पहुंचाए। बाद में कानपुर हैलट रेफर कर दिया गया, जहां डॉक्टर ने मृत घोषित कर दिया। फ़िलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है
































