उत्तर प्रदेश के आगरा जिले से एक ऐसा मामला सामने आया है मुख्यमंत्री समूहिक विवाह कार्यक्रम मे एक जोड़े ने सात फेरे लिए ओर जब विदाई का वक्त आया तो घर वालो ने दुल्हन को विदा करने से मना कर दिया थाना ट्रांस यमुना कॉलोनी के वीना पुरम फाउंड्री के लोकेश और लक्ष्मी 24 जनवरी को मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में परिणय सूत्र में बंधे थे। दोनों परिवार इस शादी से बेहद खुश थे। इसके बाद दोनों पक्षों ने 26 जनवरी को घर पर भी विवाह करने का फैसला किया था। बताई गई तारीख पर लोकेश जब बारात लेका गांव सराय दाय रूपा पहुंचा, तो दुल्हन पक्ष के तेवर देख उसके होश उड़ गए। दुल्हन पक्ष के लोगों ने दोबारा शादी से मना ही नहीं किया, बल्कि साफ-साफ कह दिया कि दुल्हन को उसके साथ विदा नहीं किया जाएगा। ये सुनकर बरातियों के होश उड़ गए। लड़की के चाचा विजय सिंह का आरोप है कि वर पक्ष ने उनसे अपनी जाति छुपाई। वहीं, दूल्हे की मां सुमन ने आरोप को झूठा बताया और लड़की पक्ष के खिलाफ तहरीर दी है।
मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में सात फेरे लेने के बाद भी दुल्हन नहीं मिल सकी। शादी के बाद दूल्हा थाने पहुंचा और पुलिस को बताया कि दुल्हन पक्ष के लोग लड़की को साथ भेजने के लिए राजी नहीं हो रहे हैं। ये मामला आगरा के खंदौली थाना क्षेत्र का है। यहां मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह में शादी हुई। दुल्हन को ले जाने के लिए दूल्हा तैयार था, लेकिन लड़की पक्ष ने दुल्हन की विदाई से मना कर दिया। कुछ समय बाद वो दुल्हन को लेने के लिए उसके मायके भी पहुंचा, लेकिन वो लोग किसी भी कीमत पर लड़की को भेजने के लिए राजी नहीं हुए। इसके बाद पीड़ित दूल्हा थाने पहुंचा और मामले में शिकायत की। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।ऐसे लोग ही सरकारी योजनाओ की धज्जियां उड़ा रहे है ओर सरकार की व्यस्थाओ का मज़ाक बना रहे है जब लड़की विदा ही नहीं करनी थी तो सामूहिक विवाह योजना मे हिस्सा ही क्यो लिया

































