उत्तर प्रदेश के कानपुर जिले मे व पूरे प्रदेश भर मे चल रही मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह योजना के तहत उन लड़कियो की शादी कराई जाती है जो अनाथ होती है या फिर बहुत ही गरीब जिनके पास खाने को नहीं होता है ऐसे बच्चियो के लिए सरकार यह मुहिम चला रही है उसमे भी अधिकारियो की धांधली का मामला सामने आया है बताया जा रहा है कि कानपुर देहात के ईको पार्क में आयोजित मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह अव्यवस्था की भेंट चढ़ गया। बरातियों को अंदर बैठने की जगह नहीं मिली। किसी तरह शादी की रस्में पूरी हुईं। इसके बाद जब भोजन की बारी आई तो किसी को दो पूड़ी व सब्जी मिली तो कुछ बरातियों को थाली साझा करनी पड़ी।
व्यवस्था से नाराज लोगों ने शिकायत की तो राज्यमंत्री व सांसद ने जांच कराने की बात कही है।अकबरपुर, रनियां निकाय के अलावा अकबरपुर, सरवनखेड़ा ब्लॉक के 109 जोड़ों की शादी मुख्यमंत्री सामूहिक विवाह समारोह के तहत सोमवार को ईको पार्क में कराई गई। शादी समारोह में वर-वधू पक्ष की ओर से काफी संख्या में लोग भी जा पहुंचे। हीं अंदर घर की कुछ महिलाएं, वर-वधू को बैठने के लिए मंडप पर स्थान दिया गया। अंदर ही वर-वधू को उपहार दिए गए। इसके साथ ही शादी की रस्में कराई गईं। मंच से आचार्य बैठकर शादी की रस्में कराते रहे। जबकि वर-वधू के पास कोई नहीं दिखा। अग्निकुंड में कहीं वर ने तो कहीं उनके साथ आए लोगों ने आग जलाई। इसके बाद भोजन शुरू हुआ तो अफरा-तफरी मच गई।सामूहिक विवाह समारोह मुख्यमंत्री की कल्याणकारी योजना है। इसमें लापरवाही की गई है। समारोह में पहुंचे लोगों को खाना नहीं मिला।
कार्यक्रम स्थल पर मंडप की व्यवस्था नहीं थी। चार-चार जोड़े एक साथ बैठाए गए। सामान भी अच्छा नहीं था। एक बैग की चेन मैंने खोली तो वह टूट कर हाथ में आ गई। जिम्मेदार अधिकारी भी नहीं पहुंचे। पहली बार इस तरह की अव्यवस्था में कार्यक्रम हुआ है। रीति-रिवाज का ध्यान नहीं रखा गया। कम उम्र के ऐसे पंडित शादी करा रहे थे, जिन्हें ठीक से मंत्र भी नहीं आते थे। परिसर में अव्यवस्था थी। पूरे मामले की शिकायत मुख्यमंत्री व समाज कल्याण मंत्री से की गई है।सरकारी योजनाए अधिकारियों के लालच कि बलि चढ़ जाती है इस मामले कि जांच के आदेश दिये गए है आगे कार्यवाही कि जाएगी

































