राजस्थान के कोटा रेलवे स्टेशन को विश्व स्तरीय बनाए जाने का काम शुरू हो गया है. कुछ ही सालों में यहां ऐयरपोर्ट के तर्ज पर सुविधाओं को विकसित किया जाएगा. ये राजस्थान में सबसे अत्याधुनिक रेलवे स्टेशन में से एक होगा. देश भर के रेलवे स्टेशनों को पुनर्विकसित करके भव्य और विश्व स्तरीय बनाया जा रहा है. इसी कड़ी में भारतीय रेल द्वारा कोटा रेलवे स्टेशन को पुनर्विकास की योजना के तहत विकसित किया जा रहा है. कोटा रेलवे स्टेशन का पुनर्विकास कार्य 207.63 करोड़ की लागत से किया जाएगा. कोटा रेलवे स्टेशन को अप्रैल 2025 तक तैयार करने का लक्ष्य है. वरिष्ठ मंडल वाणिज्य प्रबंधक रोहित मालवीय ने बताया कि कोटा स्टेशन के 6765 वर्गमीटर में 2 आगमन ब्लॉक और 1 प्रस्थान ब्लॉक का निर्माण किया जाएगा. जहां अत्याधुनिक सुविधाएं मौजूद रहेगी. स्टेशन पर वीआईपी लाउन्ज, वेटिंग रूम, फुड प्लाजा और क्योस्क जैसी सुविधाएं उपलब्ध कराई जाएंगी. प्लेटफार्म नंबर 1 और 3 को जोड़ने की 2100 वर्गमीटर में कॉनकोर्स एरिया का निर्माण किया जाएगा. वहीं यात्रियों की सुविधा के लिए 8 लिफ्ट और 14 एस्कलेटर का प्रावधान किया गया है. ये पूरा स्टेशन दिव्यांग फ्रेंड्ली होगा और पार्किंग की सुविधा भी उपलब्ध होगी. यात्री सुरक्षा को ध्यान में रखते हुए सीसीटीवी कैमरे भी लगाए जाएंगे. पर्यावरण सरंक्षण के लिए स्टेशन को ग्रीन बिल्डिंग के रूप में विकसित किया जाएगा. साथ ही सौर ऊर्जा और जल सरंक्षण की व्यवस्था भी की जाएगी. वर्तमान में स्टेशन के पुनर्विकास के कार्यों में सर्वे और सॉयल एक्स्प्लोरेशन का कार्य कर लिया गया है. इसके अतिरिक्त बायो स्टेशन और इलेक्ट्रिक सबस्टेशन की फाउंडेशन, खुदाई और पीसीसी का कार्य भी किया जा रहा है. भविष्य में पुनर्विकसित कोटा स्टेशन विश्व स्तरीय सुविधाएं उपलब्ध कराएगा. फ्रंट साइड : फ्रंट साइड स्टेशन भवन का निर्माण दो मंजिला भवन जिसमें एक मध्यवर्ती मेजानाइन तल में निम्न सुविधाएं रहेंगी. भूतल पर प्रस्थान और आगमन ब्लॉक, टिकट काउंटर, प्रतीक्षालय, क्लॉक रूम, वीआईपी लाउंज, कार्यालयों की सुविधा. मेजेनाइन फ्लोर जिसमें रिटायरिंग रूम, स्टोर रूम और कार्यालय. पहली मंजिल में प्रतीक्षालय (सामान्य और महिला), डोरमेट्री, भोजनालय, बजट होटल, शिशु आहार कक्ष, कियोस्क हैं.

































