उत्तर प्रदेश के इटावा बाबा अमरनाथ यात्रा पर एक जुलाई को दर्शन करने गए 101 सदस्यों के जत्थे में 28 सदस्य पंचतरणी में भारी बर्फबारी व पत्थर गिरने के कारण पांच दिन से और 22 सदस्य जम्मू श्रीनगर मार्ग पर स्थित रामबन के पास सड़क कटने के कारण तीन दिन से फंसे हैं। सभी यात्री सीआरपीएफ कैंप में रोके गए हैं। अमरनाथ बर्फानी सेवा समिति के इटावा अध्यक्ष ओमरतन कश्यप व सचिव जय सिंह चौहान के नेतृत्व में इटावा से 101 सदस्यों की टोली दर्शन के लिए रवाना हुई थी। इसमें ओमरतन के साथ 48 सदस्यों का एक जत्था दर्शन के लिए तीन जुलाई को पहलगाम से निकला और दर्शन कर जम्मू स्टेशन पर वापस हो गए। इसके बाद चार जुलाई को 53 सदस्यों की टोली जयसिंह चौहान के साथ दर्शन को रवाना हुई। इसमें 28 सदस्य दर्शन कर बालटाल के रास्ते लौट आए तो वहीं बस से जम्मू स्टेशन जाते समय श्रीनगर जम्मू मार्ग पर रामबन के पास बने टनल के पीछे सड़क फटने से उनको भी शनिवार की सुबह करीब 11 बजे रोक दिया गया जिन्हें मीरबाजार स्थित सीआरपी कैंप में रोका गया है। इस टीम में दिनेश यादव, टीटू, बंटी यादव, देवेंद्र यादव, राजवीर, विनय समेत आसपास ग्रामीण क्षेत्र के लोग शामिल हैं। इनको सड़क निर्माण न होने के कारण सोमवार की देर शाम छोड़े जाने की संभावना सीआरपीएफ के कमांडेंट की ओर से जताई जा रही है। दोनों हादसों के कारण दर्शन करने अमरनाथ गए भक्तों के परिजन एक वर्ष पूर्व हुई अमरनाथ गुफा पर बादल फटने की घटना के का्रण डरे और सहमे हुए हैं।

































