उत्तर प्रदेश के इटावा। विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम पारुल श्रीवास्तव ने नौ साल पुराने लूट के एक मामले में दो लोगों को पांच-पांच साल की सजा सुनाई। कोर्ट ने उन पर तीन-तीन हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया है। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पडे़गा। विशेष लोक अभियोजक गौरव दीक्षित ने बताया कि अधिवक्ता संतोष कुमार श्रीवास्तव निवासी ब्राउन गंज अपनी मां विष्णु कुमारी के साथ 15 अगस्त 2014 को अपने रिश्तेदार की मृत्यु हो जाने पर शोक व्यक्त करने के लिए लालपुरा गए थे। रास्ते में बाइक सवार दो लोगों ने विष्णु कुमारी के गले से चेन लूट ली और भाग निकले। संतोष कुमार ने कोतवाली में तहरीर दी। पुलिस ने मुकदमा दर्ज कर लिया। बाद में बढ़पुरा थाना पुलिस ने एक ऑटो में सवार होकर जा रही महिला से मंगलसूत्र लूटने के बाद चेकिंग के दौरान विशाल शुक्ला निवासी आलमपुरा कोतवाली के पास से लूटा गया सामान व तमंचा भी बरामद हुआ। पूछताछ में उसने बताया कि उसने तहसील चौराहा के पास से महिला की चेन भी लूटी थी। उसके साथ उसका साथी अतुल मिश्रा निवासी पुरबिया टोला भी साथ था। पुलिस ने दोनों के खिलाफ आरोप पत्र कोर्ट में पेश किए। मामले की सुनवाई विशेष न्यायाधीश दस्यु प्रभावित क्षेत्र अधिनियम की कोर्ट में हुई। विशेष लोक अभियोजक के द्वारा पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने विशाल शुक्ला व अतुल मिश्रा को दोषी पाया। कोर्ट ने उन्हें पांच-पांच साल की सजा व तीन-तीन हजार रुपये से दंडित किया। जुर्माना अदा न करने पर उन्हें छह माह का अतिरिक्त कारावास भोगना पडे़गा। पुलिस मामले छानबीन कर रही हे

































