उत्तर प्रदेश के इटावा जसवंतनगर। फर्जी दस्तावेजों को प्रमाणित कराने आए युवक को तहसीलदार ने पकड़ लिया। उसने सभी दस्तावेज सैफई की लॉगिन आईडी पर बलरई में खुले जनसेवा केंद्र से बनवाने की बात कबूली है। रात तक अधिकारी आरोपी युवक से पूछताछ करने में लगे थे। सोमवार को एक युवक तहसील में आधार कार्ड, निवास प्रमाण पत्र, जाति प्रमाण पत्र को प्रमाणित कराने के लिए तहसीलदार प्रभात राय के पास गया था। प्रमाण पत्र देखकर तहसीलदार ने शक होने पर उन्होंने युवक से पूछताछ शुरू की तो वह सही जवाब नहीं दे सका। इस पर उन्हाेंने ऑनलाइन प्रमाणपत्रों को चेक कराया। डाटा न मिलने पर उन्होंने युवक को बैठा लिया। सख्ती से पूछताछ करने पर युवक ने अपना नाम विजेंद्र सिंह पुत्र भूरी सिंह निवासी सोहारा फतेहाबाद जनपद आगरा बताया। उसने यहां बलरई थाना क्षेत्र के नगला गुंदी विकास नगर बलरई में सैफई क्षेत्र की आईडी पर चल रहे जनसेवा केंद्र के माध्यम से रजमऊ गांव का पता दर्शाते हुए फर्जी दस्तावेजों के आधार पर आधार कार्ड निवास प्रमाण पत्र व थारू जाति का अनुसूचित जनजाति का प्रमाण पत्र बनवा लिया था। तहसीलदार प्रभात राय ने बताया कि विजेंद्र सिंह को उसके पिता तथा ग्राम प्रधान की सुपुर्दगी में दिया गया है। जांच पड़ताल की जा रही है।सामान्यत: कोई भी जाति, आय और निवास प्रमाण पत्र का आवेदन आसानी से जनसेवा केंद्र से हो जाता है। जनसेवा केंद्र संचालक इसके लिए आवेदक से ओरिजनल आधार कार्ड लेकर स्कैन करता है। इसके बाद एक फोटो ओर आधार कार्ड की कॉपी रख लेता है। आय और जाति प्रमाण पत्र के सत्यापन के लिए लेखपाल को जिम्मेदारी दी जाती है। सत्यापन की रिपोर्ट के आधार पर प्रमाण पत्र जारी किया जाता है। पुलिस मामले की छानबीन कर रही हे

































