उत्तर प्रदेश के इटावा खर्च और लंबा चक्कर बचाने के लिए वाहन चालक लोगों की जान जोखिम में डालने से भी नहीं चूक रहे हैं। सबकुछ जानकर अधिकारी भी मैनपुरी अंडरपास पर बारिश के दिनों सख्ती से आवागमन बंद नहीं करा पा रहे हैं। यही वजह है कि बुधवार सुबह बैरिकेडिंग लगी होने के बावजूद दिल्ली से आ रही निजी स्लीपर बस के चालक ने बस को अंडरपास में भरे पानी में उतार दिया। इससे 25 सवारियों की जान खतरे में पड़ गई। सूचना पर पहुंची जेसीबी ने कड़ी मशक्कत कर करीब आधे घंटे बस को बाहर निकला। करीब 25 साल पहले बना मैनपुरी अंडरपास हर साल बारिश के दिनों में लोगों के लिए मुसीबत बन जाता है। पिछले कई सालों से तो चालकों की लापरवाही से यात्रियों की जान तक पर बन आ रही है। थोड़ी देर की बारिश में भी यहां पानी भर जाता है। मूसलाधार बारिश में अंडरपास में छह से आठ फीट तक पानी भरने से हादसे का खतरा बढ़ जाता है। हर साल अधिकारी ज्यादा पानी भरने पर बैरिकेडिंग तो लगवा देते हैं, लेकिन वहां कोई तैनात न होने से चालकों की मनमानी हावी रहती है। वह पेट्रोल का खर्च बचाने और तीन से पांच किलोमीटर चक्कर बचाने के लिए लोगों की जान जोखिम में डाल देते हैं। दो सालों में ही लगभग 20 वाहन फंस चुके हैं। ऐसे में सैकड़ों लोगों की जान दांव पर लग चुकी है। बुधवार सुबह करीब छह बजे दिल्ली से भिंड जा रही बस के चालक ने बैरिकेडिंग लगे होने के बावजूद बस को अंडरपास में उतार दिया। बस बीच में पहुंचते ही बंद हो गई। कई बार प्रयास के बाद भी बस स्टार्ट नहीं हुई तो देखते ही देखते बस में पानी भरने लगा। इससे अंदर सवार करीब 25 यात्रियों में खलबली मच गई। सभी चीख-पुकार मचाने लगे। सूचना पर पहुंची नगर पालिका की जेसीबी ने आधे घंटे की मशक्कत के बाद बाहर निकाला तब यात्रियों को राहत मिल सकी। मंगलवार सुबह करीब चार बजे से ही तेज पानी बरसने लगा था। इससे दोपहर तक ही अंडरपास में पानी भर गया था। देर रात बैरिकेडिंग लगी होने के बावजूद मैनपुरी की ओर से आ रहे ट्रैक्टर को चालक ने अंडरपास में उतार दिया। बीच में पहुंचते ही ट्रैक्टर बंद होकर फंस गया। कई बार प्रयास के बावजूद वह नहीं निकल सका। इस पर चालक ट्रैक्टर को पानी में ही छोड़कर चला गया। सुबह नगर पालिका के सूचना पर पहुंची जेसीबी ने ट्रैक्टर को भी बाहर निकाला। 24 जुलाई 2022 को एक निजी स्कूल की वैन को चालक ने लापरवाही दिखाते हुए वैन को पानी में उतार दिया था। वैन करीब 12 बच्चों को लेकर फंस गई थी। स्कूल प्रबंधन ने लापरवाही पर चालक को नौकरी से निकाल दिया था और सभी अन्य वाहन चालकों को बारिश के दिनों में अंडरपास से न जाने की हिदायत दी थी। 24 अगस्त 2022 को आगरा से आ रही आगरा डिपो की बस के चालक ने भी शॉर्टकट मारने के चक्कर में बस में पानी भरा होने के बावजूद बस को अंडरपास में उतार दिया था। ऐसे में इसमें यात्री फंस गए थे। 18 मई 2023 को दिल्ली से भिंड जा रही निजी बस अंडरपास में फंस गई थी। काफी देर बस फंसी रहने के बाद जेसीबी से बस को निकाला गया था। 31 मई को भी रोडवेज बस अंडरपास में फंस गई थी। इसमें बड़ी संख्या में यात्री थी। सूचना पर पहुंचे एसपी देहात ने खुद पानी में उतरकर बस को बाहर निकलवाया था। इस दौरान एक महिला की घबराहट की वजह से तबीयत भी खराब हो गई थी। सभी बस चालकों को निर्देश दिए गए हैं कि अंडरपास में पानी भरा होने पर वहां से बसें न लाएं। इस निर्देश और सख्ती से पालन कराया जाएगा। न मानने वालों के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी
































