इटावा समाचर: उत्तर प्रदेश के अपराध ज्यादा होने लगे ऐसी ही एक घटना इटावा में अपर जिला एवं सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम दिलीप कुमार सचान ने पांच साल पुराने दुष्कर्म के मामले की सुनवाई करते हुए दोषी को 10 साल की सजा सुनाई। 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक साल की सजा काटनी होगी।
अपर जिला शासकीय अधिवक्ता तरुण कुमार शुक्ला ने बताया कि एक अगस्त 2018 में सिविल लाइन थाना क्षेत्र के एक मोहल्ले की रहने वाली महिला ने अपने देवर व अन्य ससुरालीजनों पर मारपीट जान से मारने की धमकी व दुष्कर्म करने का आरोप लगाते हुए मामला दर्ज कराया था। उसने देवर ससुर, सास व एक अन्य को आरोपी बनाया था। पुलिस ने मामला दर्ज कर छानबीन की थी। बाद में पुलिस ने सभी को गिरफ्तार कर जेल भेज दिया था।
पुलिस ने सभी के खिलाफ आरोपपत्र कोर्ट में पेश कर दिए थे। सुनवाई अपर सत्र न्यायाधीश फास्ट ट्रेक कोर्ट प्रथम की कोर्ट में हुई। अपर जिला शासकीय अधिवक्ता की ओर से पेश किए साक्ष्यों व गवाहों के आधार पर कोर्ट ने देवर को दोषी पाया। उसे 10 साल की सजा सुनाई, जबकि अन्य तीनों को संदेह का लाभ देते हुए बरी कर दिया। कोर्ट ने दोषी पर 22 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया। जुर्माने की दो तिहाई रकम पीड़िता को दी जाएगी। जुर्माना अदा न करने पर उसे एक साल की अतिरिक्त सजा काटनी होगी।

































