इटावा समाचार उत्तर प्रदेश के इटावा मे खुले बाजार में अच्छे दाम मिलने के कारण सरकारी धान खरीद क्रय केंद्रों पर किसानों की आमद कम रही। इसी का नतीजा रहा कि खरीद लक्ष्य के मुकाबले सिर्फ 27 फीसदी ही हो सकी है। शासन के निर्देश पर जिले में एक नवंबर से धान खरीद शुरू हुई थी, जो 28 फरवरी तक चलेगी। खरीद का समय खत्म होने में अभी डेढ़ माह का समय बचा है लेकिन खरीद लक्ष्य से काफी दूर है। धान खरीद के लिए जिले में 39 केंद्र बनाए गए हैं। शासन ने 2183 रुपये प्रति क्विंटल समर्थन मूल्य तय किया है।
शुरू से ही खुले बाजार में धान की अच्छी कीमतों के मिलने से किसानों ने सरकारी केंद्रों की ओर रुख नहीं किया। वहीं, जिले में बासमती धान की अच्छी पैदावार के कारण सरकारी केंद्रों पर किसान नहीं पहुंचे। 50 हजार एमटी के लक्ष्य के सापेक्ष अभी तक 13 हजार एमटी धान की खरीद हो सकी है। ऐसे में विभाग के लिए लक्ष्य प्राप्त करना बड़ी चुनौती होगी। टड़वा स्माइलपुर निवासी किसान सोनू दुबे ने बताया कि उन्होंने 20 बीघा धान की फसल लगाई थी।
पूरे में बासमती धान लगाया था, जिसे काफी पहले निजी आढ़तिया के यहां बेच दिया है। खाद्य एवं विपणन अधिकारी लाल मणि पांडे ने बताया कि अभी खरीद केंद्रों पर खरीद की प्रक्रिया चल रही है। जिले में बासमती धान का अधिक रकवा है, जबकि सरकारी केंद्र पर मोटा धान ही खरीदा जाता है। पुलिस मामले की जांच की कर रही है।

































