उत्तर प्रदेश के चित्रकूट। पुलिस अधीक्षक कार्यालय के राघव प्रेक्षागार में एसपी वृंदा शुक्ला ने कहा कि बाल अपचारियों, पीडिता की जन्मतिथि का सत्यापन आधार कार्ड से न कर विद्यालय के अंक पत्र, जन्म प्रमाण पत्र या मेडिकल परीक्षण कराकर किया जाए। दुष्कर्म की नाबालिग पीड़िताओं के गर्भवती होने पर बाल कल्याण समिति संज्ञान लेकर मेडीकल उपचार में सहायता करें। एसपी की अध्यक्षता में विशेष किशोर पुलिस इकाई, बाल कल्याण समिति, एंटी ह्यूमन ट्रैफिकिंग यूनिट की मासिक गोष्ठी हुई। उन्होंने बाल कल्याण इकाई को बताया कि यदि कोई नाबालिग पीड़ित, पीड़िता के साथ कोई वयस्क व्यक्ति नहीं है तो ऐसी स्थिति में बाल कल्याण इकाई के सदस्य ने स्वयं वादी बनकर अभियोग पंजीकृत कराया, किसी भी स्थिति में कोई नाबालिग मुकदमें का वादी नहीं होगा। आर्थिक रुप से कमजोर पीड़िताओं को शासन की विभिन्न योजनाओं के तहत लाभ दिलाएं।

































