बिहार लोक सेवा आयोग द्वारा शिक्षक भर्ती परीक्षा का रिजल्ट देने के बाद अभ्यर्थी लगातार गड़बड़ी का आरोप लगा रहे हैं। दर्जनों अभ्यर्थी रोज बीपीएससी कार्यालय के बाहर पहुंचते हैं और रिजल्ट की जांच की मांग करते हैं। गुरुवार को दिव्यांग अभ्यर्थी बीपीएससी ऑफिस के गेट के पास पहुंचे और धरना पर बैठ गए। इसी बीच पुलिस वहां पहुंची और दिव्यांग अभ्यर्थियों को वहां से जाने के लिए कहने लगी। जब वह नहीं माने तो पुलिसकर्मी दिव्यांग अभ्यर्थी को धकियाते दिखे। अब इस घटना का वीडियो वायरल हो रहा है। शिक्षक अभ्यर्थी दुर्व्यवहार करने वाले पुलिसकर्मी पर कार्रवाई की मांग कर रहे हैं। वहीं धरने पर बैठे दिव्यांग अभ्यर्थियों का कहना है कि कट ऑफ से ज्यादा अंक लाने के बावजूद हमारा रिजल्ट नहीं आया। हमलोगों को अपना अधिकार चाहिए। वहीं मौके पर पुलिस पहुंची और सभी दिव्यांग अभ्यर्थियों पर हल्का बल प्रयोग कर बीपीएससी दफ्तर से भगा दिया। इस दौरान मजिस्ट्रेट ने कहा कि गर्दनीबाग धरनास्थल है, वहां पर जाकर धरना दीजिए लेकिन अभ्यर्थी नहीं मानें। इसके बाद पुलिसकर्मियों ने उन्हें हटाने की कोशिश की। छात्र नेता दिलीप कुमार ने कहा कि 2019 ने कहा कि जब एसटीईटी परीक्षा हुई थी तो उसमें बिहार के बाहर के लोग परीक्षा नहीं दे पाए थे। डोमिसाइल नीति लागू नहीं थी। शिक्षक भर्ती परीक्षा में कैसे बिहार के बाहर के कई लोगों को ज्वाइनिंग लेटर दे दिया गया है। बिहार के भी कई ऐसे लोग हैं, जिन्होंने फर्जी तरीके से अपना डॉक्यूमेंट बनवाया। बीपीएससी ने उनका भी रिजल्ट दे दिया है। बीपीएससी से मांग है कि इनकी जांच करें और इन पर कार्रवाई करे।


































