उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में बिधूना। कस्बे से दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसें यात्री न होने से खाली चल रही हैं। इससे परिवहन विभाग को रोजाना लाखों रुपयों का चूना लग रहा है।कस्बे के भगत सिंह चौराहा, बेला रोड, किशनी रोड, पीएनबी बैंक व तहसील के समीप बिधूना-दिल्ली मार्ग पर प्राइवेट बस संचालकों का वर्चस्व है। यहां खड़ी होने वाली रोडवेज बसों में सवारियां चढ़ने नहीं दी जातीं। जैसे ही दिल्ली जाने वाली रोडवेज बसें भगत सिंह चौराहे पर रुकती हैं। पहले से मौजूद प्राइवेट बस एजेंट उन्हें चारों ओर से घेर लेते हैं। वह यात्रियों को कम किराये का लालच देकर अपनी बसों में जबरन बैठा लेते हैं।
बेला, बिधूना, याकूबपुर, सहार, कुदरकोट, नेविलगंज और अछल्दा कस्बों से प्रतिदिन लगभग 25 से 30 प्राइवेट बसें दिल्ली की ओर जाती हैं। ये बसें वापसी में माल भी लेकर आती हैं। हैरानी की बात यह है कि न इन बसों के पास नियमित परमिट है और न ही सवारियों की सुरक्षा की गारंटी।दिल्ली जाने वाली रोडवेज बस के परिचालक रहमद ने बताया कि 580 रुपया बिधूना से दिल्ली का किराया है। प्राइवेट बस वाले कम किराये का लालच देकर यात्री पहले ही प्राइवेट बसों में बैठा लेते हैं। इससे रोडवेज बसें अक्सर सवारियों के बिना ही रवाना हो जाती हैं।वहीं, प्राइवेट बस संचालक अपनी बसों में यात्रियों को कम किराये का लालच देकर बैठा रहे हैं। इसको लेकर परिवहन विभाग कोई कार्रवाई नहीं कर रहा।

































