उत्तर प्रदेश के औरैया। गुलाबी ठंड शुरू हो गई है, लेकिन परिषदीय विद्यालय में पढ़ने वाले नौ हजार बच्चों को स्वेटर, यूनीफार्म का पैसा नहीं मिल सका है। ऐसे में ये बच्चे ठंड में बिना स्वेटर के ठिठुरने को विवश होंगे। हालांकि विभाग का कहना है कि तकनीकी दिक्कतों का दूर कर दीपावली से पूर्व इसे भी भेज दिया जाएगा। जिले में 1265 परिषदीय विद्यालय संचालित होते हैं। जिसमें करीब एक लाख 12 हजार बच्चे पंजीकृत हैं। जहां कक्षा एक से आठ तक के बच्चों को सरकार दो जोड़ी ड्रेस, एक स्वेटर, एक जूता दो जोड़ी मोजे और एक बैग प्रदान करती है। इसके लिए प्रति छात्र की दर से 1200-1200 रुपये भेजे जाते हैं। 2020 से पूर्व तक यह राशि विद्यालय प्रबंध समिति के खाते में भेजी जाती थी। कोरोना संक्रमण काल से सरकार ने सीधे अभिभावकों के बैंक खाते में यह राशि भेजने की व्यवस्था की है। पहले चरण में अगस्त में 74000 बच्चों को यह पैसा भेजा गया। करीब 38 हजार बच्चों को पैसा नहीं मिल सका। अगस्त और सितंबर माह गुजर गया। अक्तूबर भी खत्म होने को है। धीरे-धीरे ठंड शुरू हो चुकी है। दूसरी किस्त में करीब 19 हजार बच्चों की और डीबीटी के लिए डिमांड भेजी गई है, लेकिन अब भी करीब नौ हजार से अधिक बच्चों का पैसा नहीं मिल सका है। इसके पीछे आधार नंबर लिंक न होना बताया गया। खंड शिक्षा अधिकारी व प्रधानाध्यापकों के माध्यम से शेष बच्चों के आधार नंबर पोर्टल पर लिंक कराए जा रहे हैं। आधार लिंक होने पर डीबीटी शासन स्तर से कर दी जाएगी। दीपावली तक यह पैसा सभी बच्चों को भेजने का प्रयास किया जा रहा है।


































