औरैया समाचार उत्तर प्रदेश के औरैया के पहाड़ी इलाकों में हो रही लगातार बर्फबारी और चल रही पछुआ हवा से जिले में हाड़ कंपाती ठंड पड़ने लगी है। शुक्रवार को अब तक का सबसे कम चार डिग्री तापमान रहने से लोग शीतलहर के प्रकोप से परेशान रहे। दोपहर एक बजे तक कोहरा छटने के बाद हुए सूर्य के दर्शन भी लोगों को गलन भरी सर्दी से बचाने में नाकाफी साबित हुए। ऐसे घर के बाहर लोग ठंड से बचने के लिए दिन में भी अलाव का सहारा लेते नजर आए। शुक्रवार इस सीजन का सबसे ठंडा दिन रहा। जिले का न्यूनतम तापमान चार डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया। वहीं अधिकतम तापमान भी 20 डिग्री सेल्सियस रहा। भीषण ठंड के कारण लोगों का जनजीवन पूरी तरह बदला दिखा। कोहरा होने से दृश्यता 10 मीटर से कम रह गई थी। जिससे हाईवे पर छोटे-बड़े वाहन फाॅग लाइट जलाने के बाद भी रेंगते नजर आए।
ज्यादातर वाहन होटल, ढाबों व सड़क के किनारे खड़े नजर आए। वहीं ठंडी पछुआ हवा से दिन में भी लोगों का हाल बेहाल रहा। दिन के 11 बजे के करीब हल्की धूप निकली और कोहरा भी घटा, लेकिन अधिकांश समय सूर्य की बादलों संग आंख मिचौली होती रही। धूप होने के बावजूद करीब 11 किलोमीटर की रफ्तार से चल रही ठंडी हवा से कंपकंपी बनी रही। वहीं रैन बसेरा में मौजूद जरूरतमंद भीषण सर्दी व काेहरे के कारण दोपहर तक रजाई से बाहर निकलने से बचते रहे। कोहरा छाने के बाद धूप निकलने से रबी की फसल को फायदा हुआ है। प्रगतिशील किसान कवींद्र सिंह का कहना है कि कोहरा छाने के कारण रात व सुबह का तापमान गिरने से फसल का अंकुरण अच्छा होगा।
दिन का तापमान लगभग अनुकूल रहने से किसी प्रकार के नुकसान की कोई संभावना नहीं है। इस तरह का मौसम इस समय खेती-किसानी के लिए फायदेमंद होता है। खासकर चना, गेहूं, मटर, पहाड़ी इलाकों पर हुई बर्फबारी के बाद चल रही पछुआ हवाओं ने भी ठंड बढ़ा दी है। आगामी चार दिनों तक मौसम में कोई खास परिर्वतन होने की संभावना नहीं है। मौसम में हुआ बदलाव खेती-किसानी के लिए लाभदायक है।- डॉ.अनंत कुमार, प्रभारी व वरिष्ठ वैज्ञानिक, कृषि विज्ञान केंद्र परवाहा

































