उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में बिधूना। सड़कों पर सूख रहे मक्के से हादसों का खतरा बढ़ गया है। वहीं सड़क किनारे लगे मौरंग-गिट्टी के ढेर सुरक्षित यातायात में बाधक बने हैं। इस अनदेखी से राहगीर परेशान हैं। कभी भी बड़ा हादसा होने की आशंका बनी हुई है।यहां बाइक सवारों के लिए सफर करना खतरे से भरा है। पिछले सप्ताह तेजपुूर अड्डा के पास सड़क पर मक्का पड़ी होने से बाइक सवार दंपती गंभीर रूप से घायल हो गए थे। इसके बाद भी अधिकारी नहीं चेते। जबकि एसडीएम बिधूना गरिमा सोनकिया ने कहा था कि सड़कों पर सूख रही मक्का हटवाई जाएगी, लेकिन हालात जस के तस बने हुए हैं। क्षेत्रीय लोगों ने सड़कों पर सुखाई जा रही मक्का पर रोकने की मांग की है। ऐसे में वाहनों को साइड देना और उन्हें ओवरटेक करना चालकों के लिए खतरे से खाली नहीं है।
बिधूना-रामगढ़ मार्ग पर मंडी समिति से कुछ दूरी से लेकर भिखरा गांव तक सड़कों पर ही मक्का सूखते देखा जा सकता है। इससे आधी सड़क पर मक्का का अतिक्रमण होने से शेष आधी सड़क से यातायात प्रभावित हो रहा है। जिला मुख्यालय को जाने का मुख्य पर भी यही हालात हैं। खास बात तो यह है कि अधिकारी भी इन्हीं सड़कों से फर्राटा भरते हुए निकल जाते हैं, लेकिन उन्हें सड़क का अतिक्रमण नहीं दिखाई देता है। इससे यातायात असुरक्षित बना हुआ है। वहीं, मक्के के अलावा सड़क किनारे मौरंग और गिट्टी के ढेर लगे हैं। पुलिस व अधिकारियों की अनदेखी से चालकों के लिए जोखिम भरा सफर साबित हो रहा है।फ़िलहाल पुलिस मामले की जाँच कर रही है

































