उत्तर प्रदेश के औरैया जिले में थाना दिबियापुर में रिपोर्ट दर्ज कराई थी कि 11 नवंबर 2018 की दोपहर उसकी 14 वर्षीय बहन घर अकेली थी। उसकी मां व वादी खेत पर काम कर रहे थे। तभी फफूंद के गांव लालपुर निवासी अखिलेश बहन को घर से ले गया। गांव के लोगों के बताने पर मुकदमा दर्ज कराया गया।थाना दिबियापुर क्षेत्र से एक किशोरी के अपहरण के बाद दुष्कर्म के मामले में युवक अखिलेश को 20 वर्ष की सजा सुनाई गई। अखिलेश के खिलाफ पॉक्सो, अपहरण व दुष्कर्म का आरोप पत्र न्यायालय में प्रस्तुत किया गया। इस मुकदमे में गुरुवार को विशेष न्यायाधीश कोर्ट में सुनाई हुई।
बचाव पक्ष ने उसे निर्दोष बताया। दोनों पक्षकारों सुनने के बाद अपर सत्र न्यायाधीश अखिलेश्वर प्रसाद ने अखिलेश को सजा सुनाई। अर्थदंड अदा न करने पर उसे छह माह का अतिरिक्त कारावास भुगतना पड़ेगा।कोर्ट ने प्रस्तुत मामले में जमा कराई गई अर्थदंड की आधी धनराशि पीड़िता को अदा करने का आदेश दिया। सात साल पुराने मामले की विशेष न्यायाधीश पॉक्सो अधिनियम अखिलेश्वर प्रसाद मिश्र ने सुनवाई की। दोषी पर 35 हजार रुपये का अर्थदंड भी लगाया है।अखिलेश को इटावा जेल भेज दिया गया।

































