मैनपुरी न्यूज़ उत्तर प्रदेश के मैनपुरी मे विवाद मे अब जाकर पिता पुत्र को सजा हुई हे थाना औंछा क्षेत्र के नगला आशा में 26 जुलाई 2000 को दो पक्षों में विवाद हो गया। एक पक्ष के सुघर सिंह ने अपने पुत्र दाताराम, गांव के ही कैलाश, प्रमोद, हाकिम सिंह ने फायरिंग कर दी। फायरिंग की चपेट में आने से अनमोद तथा उसकी चाची चंद्रवती घायल हो गए। अनमोद के पिता दलवीर सिंह ने पांचों के खिलाफ जानलेवा हमला करके अपने पुत्र सहित छोटे भाई की पत्नी को घायल करने की रिपोर्ट दर्ज करा दी। पुलिस ने जांच करके सभी के खिलाफ चार्जशीट न्यायालय में भेज दी।
मुकदमे की सुनवाई अपर जिला जज प्रथम मुनव्वर जहां की कोर्ट में हुई। अभियोजन पक्ष की ओर से वादी, विवेचक, चिकित्सक, घायल चाची भतीजे सहित गवाहों ने कोर्ट में गवाही दी। गवाही तथा एडीजीसी विपिन कुमार चतुर्वेदी, पुष्पेंद्र दुबे की दलीलों के आधार पर सुघर सिंह, दाताराम, कैलाश, प्रमोद को जानलेवा हमला करने का दोषी पाया गया। अपर जिला जज प्रथम मुनव्वर जहां ने चारों को दस दस साल की सजा सुनाई है। उन पर पांच पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद चारों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है।
मुकदमे की सुनवाई के दौरान हाकिम सिंह की मुत्यु हो जाने पर उसकी फाइल को बंद कर दिया गया था। 24 साल पहले चाची भतीजे पर जानलेवा हमला करने वाले पिता पुत्र सहित चार लोगों को अपर जिला जज प्रथम मुनव्वर जहां ने दस दस साल की सजा सुनाई है। उन पर पांच पांच हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया है। सजा सुनाने के बाद चारों को हिरासत में लेकर जेल भेजा गया है। पुलिस मामले की जांच कर रही हे


































