उत्तर प्रदेश के महोबा जिले में मानसून की पहली बारिश ने जमकर तबाही मचाई। पांच घंटे हुई मूसलाधार बारिश से सड़कें और गलियां तालाब बन गईं। सैकड़ों मकानों व दुकानों में पानी घुसने से लोगों को लाखों का नुकसान हुआ। भारी बारिश से गौरहारी-विजयपुर मार्ग की सड़क व दो पुलिया बह गईं। जिससे ग्रामीणों का संपर्क कट गया। जल निकासी की उचित व्यवस्था न होने से नाराज ग्रामीणों ने झांसी-मिर्जापुर हाईवे पर जाम लगा दिया। जाम में एक घंटे तक वाहन फंसे रहे। पुलिस ने लोगों को समझाकर जाम खुलवाया। बुधवार रात करीब डेढ़ बजे अचानक बदले मौसम के मिजाज से तेज हवाओं के साथ सुबह साढ़े छह बजे तक झमाझम बारिश होती रही। सड़कों पर दो से तीन फुट ऊंचा पानी भर गया। बजरंगवार्ड, लवकुशनगर तिराहा, सुभाषनगर, काजीपुरा, जारीगंज समेत कई वार्ड टापू बन गए। झमाझम बारिश से गौरहारी-विजयपुर मार्ग की सड़क वह गई। बुंदेलखंड विकास निधि से दो माह पहले इस मार्ग का निर्माण कराया गया था रात में हुई बारिश से सड़क व दो पुलिया बह गई। ग्रामीण सोशल मीडिया में बही सड़क और पुलिया की फोटो अपलोड कर भ्रष्टाचार की खिल्ली उड़ाते रहे। सड़क बहने से छह गांवों का संपर्क टूट गया। कुलपहाड़ संवाद के अनुसार मौसम की पहली बारिश ने नगर पंचायत की पोल खोल दी। झमाझम बारिश से राजपूत कॉलोनी, गोविंदनगर, मुख्य बाजार, गल्ला मंडी, टौरियापुरा, नजरबाग, पुरानी तहसील, गायत्री मंदिर के पास समेत सभी वार्डों में चार से पांच फीट ऊंचा पानी भर गया। अधिशासी अधिशासी अधिकारी निर्दोष कुमार व नगर पंचायत अध्यक्ष वैभव अरजरिया कर्मचारियों के साथ जेसीबी मशीन से पानी की निकासी के लिए मशक्कत करते रहे। राजपूत कॉलोनी में पीयूष मिश्रा, चंद्रप्रकाश सोनी, सुकेश सोनी, ताहिर सिंह समेत दर्जनों लोगों के घरों में पानी घुसने से गृहस्थी बर्बाद हो गई। मुख्य बाजार में संजय अग्रवाल, मोहन, देवेंद्र गुप्ता, बाबू गुप्ता, धीरेंद्र नामदेव, धर्मेंद्र सोनी, मुन्ना, लाक्षाकार, सलीम, रामसेवक अग्रवाल, रामनारायण सोनी, बल्ली साहू, संजय, आदि की दुकानों में पानी भरने से लाखों का नुकसान हुआ। तहसील कुलपहाड़ के लाड़पुर गांव में जलभराव से आक्रोशित ग्रामीणों ने सुबह करीब नौ बजे हाईवे पर जाम लगा दिया। जिससे दोनों ओर दर्जनों वाहन फंस गए। सूचना पर कोतवाली प्रभारी विनोद कुमार सिंह ने पुलिस फोर्स के साथ मौके पर पहुंच जाम खुलवाया। एक घंटे बाद आवागमन बहाल हो सका। बेलाताल संवाद के अनुसार झमाझम बारिश से ड्योढ़ीपुरा, पठानपुरा, स्टेशन रोड, बाईपास, इमलीपुरा आदि मोहल्लों में बारिश का पानी घरों व दुकानों में घुसने से पूरे दिन लोग पानी निकालने में जुटे रहे। झमाझम बारिश से कई कच्चे मकान गिरे जिले में हुई झमाझम बारिश ने गरीबों के सामने मुसीबत खड़ी कर दी है। बस स्टैंड कुलपहाड़ निवासी बशीर निजामी का कच्चा मकान धराशायी हो गया। मकान में लगी आटा चक्की व स्पेलर भी मलबे में दब गए। इसी मोहल्ले के निवासी मातादीन के दो कच्चे मकान ध्वस्त हो गए। इसी तरह चरखारी क्षेत्र में बम्हौरी बेलदारन गांव निवासी मुन्ना समेत कई लोगों के मकान बारिश की भेंट चढ़ गए। पीड़ितों ने राजस्व विभाग को मामले की सूचना दी है। 12 घंटे में 172 एमएम बारिश बुधवार रात से गुरुवार सुबह तक जिले में 12 घंटे में 172 एमएम बारिश दर्ज की गई। शहर में सुबह करीब डेढ़ बजे शुरू हुई झमाझम बारिश छह बजे तक होती रही। इसके बाद बूंदाबांदी का दौर चला। कुलपहाड़, श्रीनगर आदि स्थानों पर भी भारी बारिश हुई।

































