उत्तर प्रदेश के बरेली शहर के पवन अस्पताल में पथरी का ऑपरेशन कराया था। दोबारा दर्द होने पर जब पीड़ित ने अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला उसकी एक किडनी गायब है। उसने अस्पताल संचालक और डॉक्टरों पर किडनी निकालने का आरोप लगाया है। किडनी में पथरी बताकर डॉक्टर ने ऑपरेशन किया। दोबारा दर्द होने पर जब पीड़ित ने अल्ट्रासाउंड कराया तो पता चला उसकी एक किडनी गायब है। इज्जतनगर थाने में डॉ. पवन और उसके दो साथी डॉक्टरों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की गई है। वहीं, अस्पताल संचालक ने आरोपों को नकारते हुए इसे वसूली का जरिया बताया।इज्जतनगर के सैदपुर हाकिंस निवासी सखावत हुसैन ने बताया कि पेट में दर्द होने पर उन्होंने अपने रिश्तेदार हाफिजगंज कुंदरपुर बंजरिया निवासी नूर अहमद को दिखाया। नूर अहमद गांव में क्लीनिक चलाता है। नूर अहमद ने कहा कि बरेली के पवन अस्पताल के डॉ. पवन से उसकी अच्छी जान पहचान है, वहीं दिखा लो। नूर अहमद की बात मानकर सखावत जनकपुरी स्थित पवन अस्पताल इलाज कराने गए।डॉ. पवन ने अल्ट्रासाउंड कराया और बताया कि दाहिनी किडनी में पथरी है जिसका ऑपरेशन करना पड़ेगा। जनवरी में डॉ. पवन ने दो साथी डॉक्टरों के साथ मिलकर सखावत का ऑपरेशन किया। 15 दिन भर्ती रखने के बाद डॉक्टर ने सखावत को छुट्टी दे दी। घर जाने के बाद सखावत को दोबारा दर्द हुआ तो उन्होंने नूर अहमद को दिखाया। उसने सखावत को दवाई दी, लेकिन दर्द बंद नहीं हुआ। सखावत ने अल्ट्रासाउंड करवाया तो पता चला की उसकी दाहिनी किडनी गायब है।सखावत ने दूसरी जगह अल्ट्रासाउंड कराया तो वहां भी यही बताया गया कि दाहिनी किडनी गायब है। सखावत ने नूर अहमद को पूरी बात बताई तो उसने टरका दिया। सखावत पवन अस्पताल पहुंचे तो वहां डॉक्टर पवन मौजूद था। अल्ट्रासाउंड दिखाते हुए किडनी गायब होने के बारे में पूछा तो डॉक्टर घबरा गया। बोला कि तुम्हारे ऑपरेशन का कोई रिकॉर्ड हमारे अस्पताल में नहीं है। अगले दिन अखबार में अस्पताल वालों की तरफ से सूचना प्रकाशित करा दी गई कि अस्पताल में ऑपरेशन से संबंधित रिकॉर्ड खत्म कर दिया गया है।दोबारा डॉ. पवन के पास जाने पर उसने मिलने से मना कर दिया। सखावत ने आरोप लगाया कि कई डॉक्टर शहर में गिरोह बनाकर किडनी और मानव अंगों की तस्करी कर रहे हैं। सखावत की शिकायत पर नूर अहमद, डॉ. पवन और उसके साथियों पर न्यायालय के आदेश के बाद इज्जतनगर थाने में रिपोर्ट दर्ज की गई है। इज्जतनगर इंस्पेक्टर अरुण श्रीवास्तव ने बताया कि साक्ष्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।पवन अस्पताल के संचालक डॉ. सुशील कुमार ने बताया कि सखावत नाम का कोई व्यक्ति हमारे यहां कभी भर्ती नहीं हुआ। अस्पताल में पवन नाम का कोई डॉक्टर नहीं है। सखावत के पास भी अस्पताल में भर्ती या इलाज का कोई रिकॉर्ड नहीं है। पूरा मामला वसूली पर टिका है। हमने पैसे नहीं दिए तो रिपोर्ट करा दी। पुलिस मामले की जांच कर रही हे

































