अभी तक “सन ऑफ़ सरदार 2” का कोई critics का रिव्यू रिलीज़ नहीं हुआ (Bollywood Hungama ने भी लिखा है – “Currently there are no critic reviews available” – (bollywoodhungama.com))। क्योंकि फिल्म (son of sardaar 2 release date) अभी 25 जुलाई 2025 को रिलीज़ हो रही है, फिलहाल केवल पहला लुक poster, टिज़र/टीज़र रिव्यू और सोशल मीडिया रिएक्शन ही मौजूद हैं।
क्या मिला अब तक:
- पहला लुक: अजय देवगन ने दो बुलडोज़र–टैंक्स पर खड़े होकर “द रिटर्न ऑफ़ सरदार” वाला अंदाज़ अपनाया – लोग इसे स्टाइलिश और दमदार मान रहे हैं (aajtak.in)।
- कास्ट और क्रू: (son of sardaar 2 cast) अजय देवगन, संजय दत्त, (son of sardaar 2 movie actress name) मृणाल ठाकुर, संजय मिश्रा, रवि किशन और कुब्रा सैत जैसे कलाकार हैं। निर्देशक: विजय कुमार अरोड़ा, म्यूज़िक: हिमेश रेशमीया (sincerelycinema.com)।
- टोन और जॉनर: फिल्म एक एक्शन-कॉमेडी मसाला रनर होने वाली है, जिससे अजय देवगन और देवgn Films फिर से देसी मसाले को दर्शकों तक पहुंचा रहे हैं (patrika.com)।
- ट्रेलर रिएक्शंस: YouTube पर निकले टीज़र रिव्यू और रिएक्शन कई चैनल्स में हल्के उत्साह दिखा रहे हैं, लेकिन अभी तक कोई full trailer नहीं आया है ।
उम्मीदें (Preview Perspective)
| पॉइंट | क्या उम्मीद की जा रही है |
|---|---|
| अजय देवगन का कमबैक | उन्होंने कई साल तक serious एक्शन किए, अब वापसी है action-comedy के साथ – ये उनका मजबूत जॉनर रहा है |
| मसाला एंटरटेनमेंट | मसाला जैसी हंसी, punches, पारिवारिक emotions – पहली जर्नी ने ये दे रखा है, उम्मीद है दूसरा भी एक्सप्लोर करेगा |
| बोल्ड एक्शन दृश्य | दो टैंक्स पे खड़े अजय मतलब fight scenes और स्टंट पर ज़बरदस्त जोर रहेगा |
अभी कितना भरोसा?
- अभी फिल्म रिलीज़ तक कोई रिव्यू रेटिंग नहीं हैं।
- पर पहला लुक और सोशल मीडिया buzz से साफ़ है कि fun-filled entertainer और action की उम्मीद रखी जा रही है।
- अगर आप अजय देवगन की मसाला फ़िल्में, decent हंसी, और Heavy action scenes पसंद करते हो, तो ये फिल्म जरूर ट्रैक करने लायक रहेगी।
कब मिलेगा असली रिव्यू?
रिव्यूज़ आम तौर पर आते हैं:
- बॉलीवुड क्रिटिक्स – जैसे रिव्यू ऑने वाली screening के बाद
- यूजर रिव्यूज़ – रिलीज़ के बाद की पहली audience reactions
यदि आप चाहें, तो मैं फिल्म रिलीज़ के बाद आपसे शेयर किए गए किसी रिव्यू लिंक / यूज़र रिव्यूज़ की मदद से रिव्यू summary बना दूंगा।
आपकी ज़रूरत क्या है?
- क्या आप पहले से ही ग्राउंड-रियल ट्रेलर, populist रिव्यूज़, या कुछ टेकर-ऑन-डेम देखना चाहते हो?
- या जब फ़िल्म बाहर आएगी, तब का detailed रिव्यू summary देखोगे?
सन ऑफ सरदार 2″ क्यों देखनी चाहिए
1. अजय देवगन का दमदार अंदाज़
अगर अजय देवगन इस फिल्म में हैं, तो फिर बात ही खत्म। एक्शन, स्टाइल और सीरियस कॉमेडी में उनका कोई जवाब नहीं। उनके फैंस के लिए तो ये फिल्म देखना बनता है।
2. देसी कॉमेडी और पंजाबी तड़का
पहली फिल्म में जैसे हंसी के फव्वारे थे, वैसी ही मस्ती अगर पार्ट 2 में भी है, तो हँसते-हँसते पेट पकड़ लोगे। साथ में पंजाबी स्टाइल, गब्बर जैसे डायलॉग और धांसू पंचलाइन – पूरा पैसा वसूल।
3. परिवार और रिश्तों की इज्जत
फिल्म में मस्ती के साथ-साथ परिवार, इज़्ज़त और रिश्तों की भी अहमियत होती है। जो फिल्म संस्कार और एंटरटेनमेंट साथ लेकर आए, उसे पूरा परिवार देख सकता है।
4. एक्शन सीन जो सीट से उड़ा दें
अगर अजय देवगन ने गाड़ियाँ उड़ाईं, 360 डिग्री कैमरे में स्टंट मारे, तो थियेटर में ताली और सीटियां खुद-ब-खुद बजेंगी। देसी स्टाइल में धांसू एक्शन हमेशा मजा देता है।
5. धुन पे झूमने वाले गाने
“Po Po” और “Rani Tu Mein Raja” जैसे गानों को आज भी लोग याद रखते हैं। अगर सेकंड पार्ट में भी ऐसे ही झकास गाने हुए, तो मस्ती दोगुनी हो जाएगी।
Bonus – पुरानी यादें ताज़ा होंगी
अगर आपने पहली “सन ऑफ सरदार” देखी थी, तो उसका दूसरा भाग देखकर वो nostalgia भी मिलेगा, जो आज की फिल्मों में कम मिलता है।
सन ऑफ सरदार 2″ को क्यों नहीं देखना चाहिए
1. पुरानी कहानी का घिसा-पिटा फॉर्मूला
अगर ये फिल्म भी वही पंजाबी स्टाइल में बदले की कहानी, तानों, शादी के लफड़ों और लंबे-लंबे डायलॉग्स पर ही टिकी रही, तो आपको लगेगा कि “यार, ये तो पहले भी देख चुके हैं!”
2. ओवरएक्टिंग और चीप कॉमेडी का खतरा
पहले पार्ट में भी कुछ जगहों पर कॉमेडी जबरदस्ती की गई थी। अगर पार्ट 2 में भी वही slapstick, ज़बरदस्ती की हंसी और टुच्चे जोक्स होंगे, तो दिमाग खराब हो सकता है।
3. रीएलिज़्म की कमी – सिर्फ स्टाइल, नो सेंस
अगर अजय देवगन फिर से दो टैंक के ऊपर खड़े होकर 20 लोगों को एक साथ उड़ा दें, तो लोग बोलेंगे, “भाई ये सर्कस है या सिनेमा?”
Logic और Grounded Content पसंद करने वाले इसे avoid कर सकते हैं।
4. पुरानी स्टारकास्ट – नया कुछ नहीं
अगर फिल्म में वही पुराने चेहरे, वही फॉर्मूला, और कोई नया एक्सपेरिमेंट नहीं है, तो शायद ये फिल्म new generation को bore कर दे।
5. अगर आप Content-Based या Meaningful Cinema पसंद करते हैं
अगर आपकी पसंद है – realistic, meaningful, socially relevant या strong story वाली फिल्में (जैसे Sirf Ek Bandaa Kaafi Hai, Article 15, Drishyam) – तो Son of Sardaar 2 शायद आपकी cup of tea न हो।
6. दर्शकों की Expectations का बोझ
Part 1 के बाद 10 साल तक इंतज़ार करने के बाद अगर sequel कमजोर निकला, तो disappointment guaranteed है।
7. Nostalgia बेचना, Quality नहीं देना
कभी-कभी makers सिर्फ पुराने नाम और यादों पर फिल्म बेचते हैं। अगर फिल्म में fresh script या direction नहीं हुआ, तो ये सिर्फ एक brand cash grab लग सकती है।
तो क्या करें?
- Trailer देखो, और खुद तय करो कि vibe पसंद आ रही है या नहीं।
- अगर आपको heavy action, loud comedy और heroism पसंद है, तो शौक से जाओ।
- लेकिन अगर meaningful content, logic और नयापन चाहिए – तो इस बार popcorn घर में बनाओ।

































