अमेरिकी राष्ट्रपति डोनाल्ड ट्रम्प ने भारत को स्पष्ट चेतावनी दी कि चीन भारत को रूस और पाकिस्तान को यूक्रेन की तरह इस्तेमाल करना चाहता है। वह स्वयं युद्ध में नहीं उलझेगा, पर दूसरों को उलझाए रखेगा। ट्रम्प भारत को भविष्य का महत्वपूर्ण साझेदार मानते हैं और चीन के विकल्प के रूप में देखते हैं, यही कारण है कि उन्होंने भारत का इतना सक्रिय समर्थन किया।
कोई भी देश युद्ध नहीं चाहता, भारत भी नहीं। लेकिन पाकिस्तान एकमात्र ऐसा देश है, जहां सेना राष्ट्र के लिए नहीं, बल्कि राष्ट्र सेना के लिए बना है। ऐसे में, चीन निश्चित रूप से पाकिस्तान को अपने प्रॉक्सी के रूप में उपयोग कर भारत को लंबे युद्ध में फंसाने की कोशिश कर रहा था। मैंने दो सप्ताह पहले कई बार लिखा था कि पहलगाम हमला केवल पाकिस्तान की साजिश नहीं था। यह चीन ने पाकिस्तान से करवाया था ताकि टैरिफ युद्ध से बचा जा सके। इसका मकसद था कि भारत-पाकिस्तान युद्ध में उलझे, और ट्रम्प प्रशासन द्वारा चीन से भारत स्थानांतरित की जा रही अमेरिकी कंपनियां डरकर चीन में ही रहें। पाकिस्तान तब पूरी तरह बेनकाब हो गया, जब उसके रक्षा मंत्री ने साक्षात्कार में स्वीकार किया कि पाकिस्तान ने यूरोप और अमेरिका के इशारे पर आतंकवाद को बढ़ावा दिया। पाकिस्तान किसी भी तरह चीन से ध्यान हटाना चाहता था और उसने आतंकवाद के लिए यूरोप व अमेरिका को जिम्मेदार ठहराया।
कई लोगों ने पूछा कि इस युद्ध से हमें क्या हासिल हुआ?
इस्लामिक आतंकवादियों ने हिंदुओं को नाम पूछकर मारा, हमने क्या किया?
सवाल यह है कि पहले हम क्या कर रहे थे? पहले हम उन आतंकियों को ढूंढते थे, जो हमलों में शामिल थे, और उन्हें खत्म करते थे। लेकिन फिर आतंकियों की नई फौज तैयार हो जाती थी। गरीब और अज्ञानी मुस्लिम समुदाय बच्चे पैदा करने की मशीन बन गए हैं। आतंकियों के आका उनके बच्चों को बुलाकर दस साल तक दिमागी तौर पर तैयार करते थे, और जितने आतंकी हम खत्म करते, उससे कहीं ज्यादा फिर तैयार हो जाते।
भारत ने अपने लोकतांत्रिक इतिहास में पहली बार उन अड्डों, लोगों और स्थानों को नष्ट किया, जहां से ये रक्तबीज जैसे राक्षस निकलते थे। पहली बार उनके घरों में उन निर्दोष बच्चों को निशाना बनाया गया, जैसे उन्होंने अपने ब्रेनवॉश किए जॉम्बी आतंकियों से हमारी बहनों की मांग का सिंदूर मिटाया, हमारे बच्चों को अनाथ किया। कब सुना था कि दुनिया का कोई खूंखार आतंकी कह रहा हो कि काश मैं मर जाता?

भारत ने इस बार साफ संदेश दिया कि अब हम आतंकियों को नहीं, बल्कि आतंक की फैक्ट्रियों को, उनके पूरे खानदान समेत, नेस्तनाबूद करेंगे। ये अड्डे केवल PoK के नहीं थे, बल्कि पाकिस्तान के सबसे सुरक्षित इलाकों में थे।
हां, चीन लंबा युद्ध चाहता था। हमने कभी युद्ध नहीं चाहा। लेकिन जब चीन की शह पर पाकिस्तान ने हमें युद्ध के लिए मजबूर किया, तो हमने दस गुना ताकत से जवाब दिया। इस युद्ध का एक नतीजा यह हुआ कि जहां लग रहा था कि पाकिस्तान पूरी तरह चीन की गोद में जा चुका है, अब उसे उस अमेरिकी प्रशासन के साथ भी बात करनी पड़ेगी, जो भारत समर्थक है और जिसके आने से भारत में आंतरिक स्थिरता फिर से लौटी है।
चीन ने आखिरी रात तक कोशिश की कि पाकिस्तान अमेरिकी दबाव से बचे और युद्ध जारी रखे। लेकिन ट्रम्प प्रशासन की रणनीति थी कि उन्होंने पाकिस्तान को भारत की शर्तों पर सीजफायर के लिए मजबूर किया। इस सीजफायर में सिंधु जल समझौते को शामिल नहीं किया गया, आतंकवाद को युद्ध की श्रेणी से बाहर रखने का दबाव नहीं डाला गया, और दोनों देशों के बीच किसी तीसरे देश की सीधी मध्यस्थता नहीं होने दी गई।
लेकिन अगर आपको लगता है कि पाकिस्तान को गाजा की तरह तबाह किया जा सकता है, तो ऐसा नहीं है। गाजा एक छोटी सी पट्टी है, जबकि पाकिस्तान एक विस्तृत, अप्राकृतिक देश है। भारतीय सेना नागरिकों पर हमला नहीं करती। भारत पाकिस्तान को अस्थिर करने के कई प्रयासों में शामिल है, जैसा मैंने पहले लिखा है। लेकिन जब भारत की आबादी अभी युवा है और अगले 15-20 साल में वृद्ध होने की ओर बढ़ेगी, तब बड़े युद्ध में जाना उचित नहीं है। अगर परिस्थितियां युद्ध की ओर ले जाएंगी, तो हम जरूर लड़ेंगे, लेकिन जबरदस्ती इसमें नहीं पड़ेंगे।
सचमुच, ट्रम्प प्रशासन का आभार मानना चाहिए, चाहे यह सुनना हमें अच्छा लगे या नहीं।
पाकिस्तान एक बेनकाब देश है, जिसकी अपनी एक काल्पनिक दुनिया है, जहां वह खुद को सबसे बड़ा विजेता मानता है। वे जॉम्बी हैं, जो अपनी दुनिया में 1971 का युद्ध भी जीत चुके हैं। आप उनकी दुनिया को अपनी सोच से नहीं बदल सकते।
भावनाओं में न बहें, नेतृत्व पर भरोसा रखें। वे दूरदृष्टि से हर वह कदम उठाएंगे, जो शायद उनके जाने के बाद भी भारत को विकसित राष्ट्र बनाए।
यह घटनाक्रम भारत के लिए ऐतिहासिक है। भारत ने साफ कर दिया है कि अब हम रक्तबीजों को नहीं, बल्कि उनकी फैक्ट्रियों को चलाने वालों को खत्म करेंगे। जैसे वे हमारे परिवार के निर्दोष लोगों को मारते हैं, वैसे ही हम उनके खानदान को जड़ से उखाड़ देंगे।

































