उत्तर प्रदेश के इटावा जिले में किसानो ने टमाटर की खड़ी फसल जोत दी टमाटर के सही दाम न मिलने से गुस्साए किसानो ने 38 बीघा फसल में ट्रैक्टर चलवा दिया बताया जा रहा है कि कीमतों से परेशान होकर मजबूरन फसल पर ट्रैक्टर चला दिया है। रामायन क्षेत्र में रहने वाले किसान राजेश शाक्य उन किसानों में हैं, जिन्होंने भाव न मिलने पर अपनी टमाटर की फसल पर ट्रैक्टर चला दिया। राजेश ने अपने आठ बीघा खेत में टमाटर की फसल की थी। एक बीघा में 8 से 10 हजार तक लागत आई। आठ बीघा खेत में लगभग 80 हजार रुपये खर्च किये थे। फसल बहुत अच्छी हुई, लेकिन भाव उम्मीद से कहीं ज्यादा नीचे चले गए। बाजार में 10 रुपये के तीन किलो टमाटर माइक लगाकर फुटकर में बेचे गए। थोक में कीमत दो रुपये भी मिलना मुश्किल हो गया उन्होंने बताया कि कभी एक बीघा खेत के टमाटर एक लाख रुपये तक में बिक जाते थे,
लेकिन इस बार एक बीघा फसल पांच हजार रुपये में भी नहीं बिक पाई है। क्षेत्र में राजेश के अलावा भी कई किसान हैं जिन्होंने कीमतों से परेशान होकर अपनी ही उगाई फसल को नष्ट कर दिया। इसमें नगला हरलाल के इंद्रेश शाक्य ने 10 बीघा, अरविंद कुमार ने छह बीघा, धर्मेंद्र सिंह शाक्य ने पांच बीघा, ओमप्रकाश ने पांच बीघा और रमायन के सुभाष चंद ने चार बीघा खेत में उगाई टमाटर की फसल खुद ही उजाड़ दी है।राजेश ने अपने आठ बीघा खेत में टमाटर की फसल की थी। एक बीघा में 8 से 10 हजार तक लागत आई। आठ बीघा खेत में लगभग 80 हजार रुपये खर्च किये थे। लेकिन कुछ फायदा नहीं हुआ सब कुछ बर्बाद हो गया


































