इटावा। गणतंत्र दिवस के शुभ अवसर पर इटावा जिले की रिजर्व पुलिस लाइन में आयोजित एक भव्य समारोह में वन्यजीव विशेषज्ञ और सर्पमित्र डॉ. आशीष त्रिपाठी को विशेष रूप से सम्मानित किया गया। इटावा पुलिस द्वारा पुलिस मित्र के रूप में उनके योगदान को मान्यता देते हुए, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) श्री संजय कुमार वर्मा ने उन्हें प्रशस्ति पत्र प्रदान किया।
डॉ. आशीष को यह सम्मान उनके निरंतर प्रयासों और पुलिस विभाग के प्रति सहयोग के लिए दिया गया। उन्होंने न केवल पुलिस कर्मियों बल्कि उनके परिवारों के लिए भी अद्वितीय कार्य किए हैं। उनका यह योगदान उनके द्वारा स्थापित संस्था ऑर्गनाइजेशन फॉर कंजरवेशन ऑफ एनवायरनमेंट एंड नेचर (ओशन) के माध्यम से संभव हुआ है।
खतरनाक सांपों का रेस्क्यू और सुरक्षित पुनर्वास
डॉ. आशीष ने उत्तर प्रदेश के जिले इटावा पुलिस कर्मियों के सरकारी आवासों, वरिष्ठ पुलिस अधीक्षक (एसएसपी) आवास, एसपी सिटी आवास, सीओ सिटी आवास, और जिलाधिकारी आवास जैसे महत्वपूर्ण स्थानों पर जहरीले और गैर-जहरीले सांपों को रेस्क्यू कर उनकी जान बचाई है। इसके अलावा, उन्होंने पीएसी बटालियन, ट्रेजरी, कृषि भवन, इंजीनियरिंग कॉलेज के छात्रावास, विभिन्न पुलिस थानों, और प्राथमिक से लेकर माध्यमिक विद्यालयों तक में घुसे खतरनाक सांपों को सफलतापूर्वक पकड़कर उन्हें वन क्षेत्र में सुरक्षित छोड़ा है।
डॉ. आशीष के रेस्क्यू अभियानों की बदौलत अब तक हजारों सांपों को सुरक्षित वन्य क्षेत्र में छोड़ा गया है। उन्होंने सांपों को पकड़ने के दौरान न केवल लोगों को भय मुक्त किया है, बल्कि वन्यजीव संरक्षण के प्रति जागरूकता भी फैलाई है।
पुलिस और वन विभाग के साथ समन्वय
डॉ. आशीष ने इटावा पुलिस की डायल 112 और वन विभाग के साथ मिलकर उल्लेखनीय कार्य किए हैं। वह लखनऊ के पुलिस कंट्रोल रूम के निर्देश पर खतरनाक रेस्क्यू ऑपरेशन को सफलतापूर्वक अंजाम देते आ रहे हैं। उनके इन प्रयासों ने हजारों लोगों और वन्यजीवों की जान बचाने में महत्वपूर्ण भूमिका निभाई है।
उन्होंने अपनी विशेषज्ञता और अनुभव का उपयोग करके न केवल आम जनता बल्कि पुलिस विभाग और उनके परिवारों को भी बड़ी राहत दी है। यह प्रयास पुलिस विभाग के लिए एक मिसाल बन गया है कि किस तरह से वन्यजीव संरक्षण और मानव-वन्यजीव संघर्ष को नियंत्रित किया जा सकता है।
डॉ. आशीष का योगदान
डॉ. आशीष त्रिपाठी ने पिछले कई वर्षों से इटावा में वन्यजीव संरक्षण और बचाव कार्यों में अपना योगदान दिया है। उनका यह काम सिर्फ रेस्क्यू तक सीमित नहीं है, बल्कि वह लोगों को जागरूक भी करते हैं कि सांपों से कैसे सुरक्षित रहें और उन्हें हानि पहुंचाए बिना कैसे दूर रखा जाए।
इस सम्मान ने न केवल डॉ. आशीष के काम को सराहा, बल्कि यह भी दिखाया कि इटावा पुलिस और वन विभाग के बीच सहयोग कितनी अच्छी तरह से कार्य कर रहा है। यह प्रयास मानव और प्रकृति के बीच सामंजस्य बनाए रखने की दिशा में एक प्रेरणादायक कदम है।
सारांश
गणतंत्र दिवस के मौके पर डॉ. आशीष त्रिपाठी को “पुलिस मित्र” के रूप में सम्मानित करना उनके अनवरत सेवा और योगदान का प्रमाण है। उन्होंने वन्यजीव संरक्षण के साथ-साथ मानव समाज को भी लाभ पहुंचाया है। यह सम्मान न केवल उनके कार्यों की सराहना है, बल्कि इटावा में वन्यजीव संरक्षण के प्रति एक सकारात्मक संदेश भी देता है।


































