उन्नाव समाचार उत्तर प्रदेश के उन्नाव मे परियर। छुट्टा मवेशी किसानों के लिए परेशानी का सबब बने हुए हैं। रात भर किसान कोहरे में एक तरफ रखवाली करते हैं जबकि मवेशी दूसरे छोर पर फसल को नुकसान पहुंचाते हैं। वहीं प्रशासन एक हजार मवेशियों को संरक्षित और उनको ठंड से बचाने के लिए पूरे इंतजाम किए जाने का दावा कर रहा है। इसके विपरीत गोशालाओं में संरक्षित मवेशी ठंड से जूझ रहे हैं। सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक क्षेत्र में परियर, जुड़ापुरवा, देवीपुरवा, कोलवा, सैदापुर, नयाखेड़ा, भदेवना, प्यारेपुर, बंदाखेड़ा, ऐरा भदियार आदि गांवों में किसान छुट्टा मवेशियों से परेशान हैं। ऐसे घने कोहरे में किसान पूरी रात एक छोर पर गेहूं, लाही की फसल की रखवाली करते रहते हैं। वहीं दूसरी तरफ कोहरे की वजह से छुट्टा मवेशी दूसरे छोर पर चुपचाप खेतों में घुसकर फसल खाते रहते हैं। क्षेत्र में संचालित गोशालाओं में किसानों द्वारा बंद किए गए मवेशी भी केयरटेकर की लापरवाही से भाग जाते हैं। मौजूदा समय में सिकंदरपुर सरोसी ब्लाक क्षेत्र में ग्राम पंचायतों के गांव देवाराकला, थाना, सन्नी, मोमिनपुर, परियर ,बरवट सहित कुल चौदह गोशालाएं संचालित हैं जिसमें छुट्टा मवेशियों की संख्या एक हजार के आसपास रजिस्टरों पर दर्ज है लेकिन वास्तव में गोशालाओं में बंद मवेशियों की संख्या केवल सात सौ के करीब ही है। संरक्षित मवेशियों के लिए झूल और अलावा की कोई व्यवस्था नहीं है। अभिलेखों में दर्ज मवेशियों से अधिक छुट्टा मवेशी फसलों को नुकसान पहुंचा रहे हैं। एडीओ पंचायत विनोद वर्मा का दावा है कि कुल 14 गोशालाओं में एक हजार मवेशी हैं जिनका समुचित प्रबंध किया गया है। इस दावे के विपरीत फोटो यह बताने के लिए काफी है कि गोशाला में संरक्षित मवेशियों के लिए क्या इंतजाम किए गए हैं। पुलिस मामले की जांच की कर रही है।

































