हिमाचल टीपीएम (तिपरा मोथा पार्टी) ने भारतीय जनता पार्टी को समर्थन देने का ऐलान किया है। कांग्रेस को तीनों राज्यों में मिली हार के बाद यह साफ हो गया कि पार्टी की चुनावी रणनीति और मैनेजमेंट वाकईं गंभीर मुद्दा बन गया है। यह इन चुनावों में लाचार नजर आता है। राजस्थान के उदयपुर में 9 महीने पहले आयोजित चिंतन शिविर के बाद भी पार्टी ने अभी तक चुनाव के लिए पहले से निर्धारित AICC विभाग को शुरू नहीं किया गया है।देश की सबसे पुरानी पार्टी कांग्रेस की मौजूदा स्थिति ठीक नहीं है। केंद्र की सत्ता से वह 9 साल से दूर है और राज्यों में मिल रही हार उसे और कमजोर कर रही है। गुरुवार यानी 2 मार्च को पूर्वोत्तर के राज्यों मेघालय, त्रिपुरा और नगालैंड में मिली करारी हार ने उसे दोबारा मंथन का मौका दे दिया कांग्रेस सांसद राहुल गांधी ने भारत जोड़ो यात्रा की थी, आपार जनमसर्थन मिला, लगा शायद कांग्रेस अब कमबैक करेगी कल आए नतीजों ने उसे फिर से हार के पथ पर धकेल दिया है। त्रिपुरा में उसे 60 में से 3 सीटों पर जीत मिली तो वहीं मेघालय की 69 सीटों में उसे 5 में जीत मिली नगालैंड में कांग्रेस का सूपड़ा साफ हो गया पूर्वोत्तर में मिली हार के लिए कौन जिम्मेदार हे सीपीएम-कांग्रेस की जोड़ी अपने साथ मिलाने में नाकामयाब रही। बीजेपी ने यहीं बाजी मार ली।


































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