मध्य प्रदेश के शिवपुरी नगर पालिका क्षेत्र के वार्ड 36 पिछड़ी बस्ती करौंदी में विकास कार्य नहीं होने से नाराज पार्षद ने अनोखा प्रदर्शन किया। इस दौरान जनता की परेशानी को लेकर पार्षद ने पैंड (जमीन पर लेट कर) पैंड प्रदर्शन किया। कांग्रेस पार्षद एमडी गुर्जर शहर की रोड पर पैंड भरकर नगर पालिका के कार्यालय तक पहुंचे। इस दौरान उनके साथ वार्ड की जनता सहित अन्य जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। पैंड भरकर पार्षद नगर पालिका दफ्तर पहुंच गए और यहां पर टैंट लगाकर जनता के संग धरने पर बैठ गए। कांग्रेस पार्षद एमडी गुर्जर पैंड भरते हुए बुधवार दोपहर एक बजे नपा दफ्तर पहुंचे। नपा परिसर में धरना शुरू हो गया और फिर तीन बजे शिवपुरी एसडीएम का नोटिस लेकर बाबू पहुंच गया। सरकारी दफ्तर परिसर में धरने की अनुमति नहीं होने का उल्लेख कर धरना खत्म करने को कहा। आखिरकार शाम चार बजे पार्षद ने धरना खत्म कर दिया। पार्षद का कहना है कि आज 10-11 महीने होने जा रहे हैं। मेरे वार्ड में धरातल पर एक भी काम नहीं हुआ है। मेरे समर्थन में आए सारे पार्षदों के संग नपा अध्यक्ष, सीएमओ द्वारा भेदभाव किया जा रहा है। पार्षद एमडी गुर्जर ने कहा कि मैं कांग्रेस का पार्षद हूं लेकिन मेरे संग धरने पर बैठी आम जनता है जो परेशान है। मेरी वजह से आम जनता को सजा क्यों दी जा रही है, ये लोग तो कांग्रेसी नहीं हैं।कांग्रेस पार्षद का आरोप है कि मेरे वार्ड में पानी की पाइप लाइन नहीं बिछाई है। सिर्फ पांच लाइट लगाई हैं। मेरे वार्ड में एक सीसी है। दस कर्मचारी थे, अब पांच कर दिए हैं। आठ माह से बोरवेल में ना पाइप डले, ना मोटर डाली। आठ फाइल पता नहीं कहां चली गईं। आठ महीने से फाइल ढूंढने में लगे हैं। मुझे जनता ने चुना है और जनता के लिए भूख हड़ताल पर भी चला जाऊंगा। सत्ता की तानाशाही से मेरे धरने पर बैठने की परमिशन एसडीएम ने निरस्त कर दी है, मुझे नोटिस प्राप्त हुआ है। यह मामला तूल पकड़ा तो आनन-फानन में शिवपुरी एसडीएम अंकुर गुप्ता ने यहां दिए जा रहे धरने प्रदर्शन की अनुमति अचानक निरस्त कर दी। प्रदर्शन के दो घंटे बाद ही एसडीएम का लेटर आ गया और धरना खत्म हो गया। इसे लेकर कांग्रेस पार्षदों के साथ-साथ जनता में नाराजगी और बढ़ गई है।

































