छत्तीसगढ़ के मुख्यमंत्री भूपेश बघेल रविवार को महासमुंद के प्रवास पर रहे। दोपहर 12.40 बजे सीएम भूपेश बघेल जिला मुख्यालय स्थित शासकीय स्वामी आत्मानंद हिन्दी उत्कृष्ट विद्यालय में आयोजित राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं अन्य योजनाओं की धनराशि वितरण कार्यक्रम में शामिल होने पहुंचे। इस दौरान मचेवा स्थित हेलीपैड में मुख्यमंत्री भूपेश बघेल के साथ विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री टीएस सिंहदेव एवं नगरीय प्रशासन एवं विकास मंत्री डॉ. शिवकुमार डहरिया, संस्कृति मंत्री अमरजीत भगत, आदिम जाति विकास मंत्री मोहन मरकाम भी साथ पहुंचे रहे। संसदीय सचिव एवं महासमुन्द विधायक विनोद चन्द्राकर, बसना विधायक देवेंद्र बहादुर सिंह समेत अन्य नेताओं ने मुख्यमंत्री व अन्य का गर्मजोशी से स्वागत किया। इसके बाद मचेवा हेलीपेड से सीएम भूपेश बघेल का काफिला कार्यक्रम स्थल के लिए रवाना हुआ। इस दौरान जगह-जगह पर विभिन्न सामाजिक व कर्मचारी संगठनों व जनप्रतिनिधियों के द्वारा सीएम बघेल का स्वागतकिया गया। शहरवासियों का स्वागत देख सीएम भी अभिभूत हुए। कार्यक्रम स्थल पहुंचने पर नगर पालिका महासमुंद के जनप्रतिनिधियों के द्वारा सीएम को लड्डुओं से तौला गया। इसके बाद सीएम भूपेश बघेल ने गौवंश मोबाइल चिकित्सा योजना के तहत महासमुंद जिले के लिए सात तथा संभाग के अन्य जिलों के लिए 43 पशु मोबाइल चिकित्सा इकाईयों को हरी झण्डी दिखाकर रवाना किया। इसके बाद सीएम भूपेश बघेल कार्यक्रम स्थल पहुंचे जहां उन्होंने विधिवत पूजा-अर्चना के बाद बटन दबाकर, जिले के 704 करोड़ रुपये के 224 विकास कार्यों का लोकार्पण और भूमिपूजन किया। राजीव गांधी किसान न्याय योजना एवं अन्य योजनाओं के सामग्री वितरण कार्यक्रम में मुख्यमंत्री बघेल ने जिलेवासियों को 703 करोड़ 96 लाख के 224 विकास कार्यों की सौगात दी। जिसमें 71 करोड़ 8 लाख रुपये के 132 विकास कार्यों का लोकार्पण एवं 632 करोड़ 88 लाख रुपये के 92 विकास कार्यों का शिलान्यास/भूमिपूजन कार्य शामिल है। इस दौरान विधानसभा अध्यक्ष डॉ. चरणदास महंत, उप मुख्यमंत्री टी.एस. सिंहदेव अति विशिष्ट अतिथि के रूप में उपस्थित रहे।विकास कार्यों के लोकार्पण व भूमिपूजन के बाद सीएम भूपेश बघेल ने जिला प्रशासन के द्वारा लगाए गए विभागीय स्टालों का भी अवलोकन किया। इस के साथ ही विभिन्न विभागों के हितग्राही मूलक योजनाओं के तहत हितग्राहियों को सामाग्री व राशि का वितरण किया। इस दौरान मुख्यमंत्री ने कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन घटक तीन योजना के 10 हितग्राहियों को ट्रैक्टर एवं कृषि यांत्रिकीकरण पर सबमिशन घटक चार योजना के एक हितग्राही को हार्वेस्टर की चाबी सौंपी। इस दौरान मुख्यमंत्री ने हितग्राहियों से चर्चा कर उनका हालचाल जाना। पूर्व प्रधानमंत्री भारत रत्न स्व. राजीव गांधी की जयंती पर सीएम भूपेश बघेल ने किसान न्याय योजनाओं की राशि वितरित की और नवीन राजस्व कार्यालयों का शुभारंभ किया है। किसान, मजदूर, गरीब और गौपालकों को 2055.60 करोड़ की राशि सीधे उनके खाते में भेजी है। इस अवसर पर उन्होंने कहा कि बात चाहे खेती-किसानी की हो आदिवासियों के विकास की हो, महिलाओं के सशक्तिकरण की हो, हर नागरिक की आय में बढ़ोतरी की हो, रोजगार की हो, रोजगार के अवसरों के निर्माण की हो, ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूत करने की हो, शहरी क्षेत्रों में सुविधाओं के विस्तार की हो, शिक्षा सुविधाओं के विस्तार की हो, चिकित्सा सुविधा के विस्तार की हो आज छत्तीसगढ़ में हर क्षेत्र में बड़ा बदलाव दिख रहा है। हमनें व्यक्ति को इकाई मानकर विकास का काम किया है। मुख्यमंत्री ने कहा कि यह आपकी सरकार है किसानों, मजदूरों, अनुसूचित जाति, अनुसूचित जनजाति, युवाओं सहित सभी की सरकार है। जिनके विकास के लिए हम निरंतर काम कर रहे हैं। उन्होंने कहा कि तेंदूपत्ता संग्राहकों को 2500 की जगह 4000 रुपये दे रहे हैं, गरीबों को 7 किलो की जगह 35 किलो राशन प्रति परिवार दे रहे हैं, आज हर परिवार के पास राशन कार्ड है। 74 लाख राशन कार्ड बने हैं चाहे वो एपीएल हो या बीपीएल। बिजली बिल हाफ योजना में 42 लाख परिवार को 400 यूनिट तक छूट प्रदान की गयी है। सिंचाई पंपों के करोड़ों रूपए सब्सिडी दी गयी है। आज इस बात की खुशी है कि इन योजनाओं का लाभ लेते हुए लोग खुश हैं। हमारी सरकार ने पौने पांच साल में हर वर्ग के हित में काम किया है।शराब बंदी को लेकर पूछे गए सवाल पर सीएम भूपेश ने कहा कि, सबसे पहले बात तो यही ही कि मैं ऐसी कोई योजना नहीं लाऊंगा जिससे लोगों की जान चली जाए, लॉक डाउन के समय में आपने देखा कि पूरे देश में जहां फैक्टरी बंद थी, ट्रांसपोर्टिंग बंद थी तब भी छत्तीसगढ़ में हरियाणा से एमपी से शराब लाई गई। पड़ोसी राज्यों से भी शराब की आपूर्ति की गई। शराब नहीं मिलने पर अनेक लोग सेनेटाइजर पीकर, सॉल्यूशन खाकर, सिरप पीकर अपनी जान दे दी। मैं नशा मुक्त छत्तीसगढ़ की बात करता हूं, यह एक सामाजिक बुराई है जिसे हमें मिलकर खत्म कराना है। जब तक सभी समाज का सहयोग नहीं मिलेगा तब तक नशा मुक्ति की ओर आगे नहीं बढ़ेंगे।




































